दिल्ली में तोड़फोड़ रोकने के संबंध में दिल्ली सरकार और उत्तरी दिल्ली नगर निगम के बीच ठन गई है। उत्तरी निगम की स्थायी समिति की बैठक में भाजपा पार्षदों ने राजधानी में तोड़फोड़ बंद करने के संबंधी दिल्ली सरकार का आदेश मानने से इनकार कर दिया। मामले में अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।
स्थायी समिति की बैठक में विपक्ष के नेता मुकेश गोयल ने दिल्ली सरकार की ओर से जारी तोड़फोड़ बंद करने संबंधी आदेश पर नगर निगम की स्थिति स्पष्ट करने के लिए आयुक्त से जवाब दिलाने का आग्रह किया। मगर आयुक्त पीके गुप्ता चुप्पी साधे रहे।
तभी भाजपा पार्षद रेखा गुप्ता, वीरेंद्र बब्बर आदि ने दो टूक कहा कि नगर निगम डीएमसी एक्ट के तहत कार्य करेगा। किसी भी मामले में एक्ट का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके रुख से स्पष्ट था कि वे किसी भी हालत में तोड़फोड़ रोकने के पक्ष में नहीं है।
इसी बीच सदन की नेता मीरा अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का अवैध निर्माण और झुग्गी नहीं तोड़ने का आदेश जारी होने के बाद उनके इलाके के सावन पार्क में सरकारी भूमि पर सौ से अधिक झुग्गी बस गई। उनकी भांति वीरेंद्र बब्बर ने बताया कि रमेश नगर नाले पर कुछ लोगों ने झुग्गी डालने की तैयारी शुरू कर दी गई है।
समिति अध्यक्ष मोहन भारद्वाज ने भी घोघा डेयरी कालोनी में नगर निगम की जमीन पर अवैध कब्जा होने की जानकारी दी। पार्षदों की बातें सुनने के बाद आयुक्त पीके गुप्ता ने कहा कि सरकारी भूमि पर कब्जा रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई करने के आदेश दिए जा चुके हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।