एसएसपी धर्मेंद्र सिंह को बुधवार रात चुनाव आयोग ने गाजियाबाद से हटा दिया। उनकी जगह सचि घिल्डियाल को तैनात किया गया है।
वे उत्तराखंड की रहने वाली हैं। वे 2002 बैच की आईपीएस हैं। वर्तमान में लखनऊ इंटेलीजेंस में तैनात थी। चित्रकूट में तैनाती के दौरान उनकी बहादुरी के किस्से मशहूर हैं, वहां वे डाकुओं से मुठभेड़ करने खुद ही पहुंच जाती थीं।
धर्मेंद्र सिंह का कार्यकाल 8 माह और सात दिन का रहा है। 19 जुलाई 2013 को आईपीएस नितिन तिवारी के हटने के बाद उन्होंने चार्ज लिया था।
सूत्रों का कहना है एसएसपी कुछ सपाइयों के ही निशाने पर थे। वे ही चाहते थे कि एसएसपी हटें। इसके अलावा कुछ राजनीतिक पार्टियों ने गाजियाबाद से चुनाव आयोग के पास कुछ पुलिस अफसरों की सूची भेजी गई थी, जिन पर लोकसभा चुनाव प्रभावित करने का आरोप लगाया गया था।
बताते हैं कि एसएसपी धर्मेंद्र सिंह के एक करीबी रिश्तेदार भी लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। शायद यही वजह रही कि उन्हें चुनाव आयोग ने हटाया है। धर्मेंद्र सिंह की महकमे और जनता में आम शोहरत अच्छी थी।
अधिकांश राजनीतिक पार्टियां भी जाहिरा उनके विरोध में नहीं थीं। धर्मेंद्र यादव 2006 बैच के आईपीएस हैं।