श्रीनिवास बी. वी.
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भारतीय युवा कांग्रेस दिल्ली चुनाव को बेहद अहम मान रही है। इसको देखते हुए कांग्रेस की केंद्रीय इकाई ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। युवाओं को लामबंद करने के लिए भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष श्रीनिवास बी. वी. भी दिल्ली की सड़कों पर पसीना बहा रहे हैं। चुनावी भागदौड़ के बीच उन्होंने अमर उजाला संवाददाता संतोष कुमार से कांग्रेस की रणनीति पर विस्तार से बात की।
त्रिकोणीय मुकाबले में कांग्रेस सबसे कमजोर मानी जा रही है?
पिछले एक महीने से दिल्ली की गलियों में जितना घूमा हूं, उससे यकीन है कि बगैर कांग्रेस के दिल्ली में इस बार किसी की सरकार नहीं बन रही है।
यह कैसे कह सकते हैं?
बीते पांच साल में अरविंद केजरीवाल की पोल खुल गई है। उनकी नाकामी दिल्ली वालों के सामने है। वहीं, केंद्र सरकार बेरोजगारी, महंगाई सरीखी बेहद बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं कर सकी है। इसके उलट सीएए, एनआरसी जैसे कानून से देश को बांटने का काम किया जा रहा है। दिल्ली चुनाव इन कानूनों का लिटमस टेस्ट होगा। भाजपा की सरकार को दिल्ली के लोग ही सबक सिखाएंगे।
लेकिन आप भी तो विकल्प नहीं बन पा रहे हैं?
ऐसा नहीं है। 2015 के बाद के बाद हुए एमसीडी व लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ा है। लोकसभा चुनाव में तो छह विधानसभा सीटों पर कांग्रेस का वोट शेयर भाजपा व आप से ज्यादा था, जबकि करीब 45 सीटें ऐसी थी, जहां पार्टी रनरअप रही है। आम आदमी पार्टी तो तीसरे नंबर पर खिसक गई थी। लोकसभा चुनाव के बाद भी आप की लोकप्रियता कम हुई है, जबकि भाजपा ने भी अपना जनाधार गंवाया है। दोनों दलों से नाराज वोटर कांग्रेस के साथ खड़ा है।
युवा कांग्रेस की क्या रणनीति है?
अलग-अलग प्रांतों से युवा कांग्रेस के करीब 500 कार्यकर्ता कम्यूनिटी स्तर पर दिल्ली मेें प्रचार अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। इनको वहीं लगाया गया है, जहां संबंधित प्रदेश के निवासी बहुतायत में हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आने से यह संख्या बढ़ती जाएगी।
आपके मुद्दे क्या हैं?
आप की दिल्ली सरकार व भाजपा की केंद्र सरकार की पांच साल नाकामियां और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित सरकार में दिल्ली का हुआ विकास।