165 किमी लंबा यमुना एक्सप्रेसवे तमाम शहरों की पहुंच आसान करता है। दिल्ली-एनसीआर समेत कानपुर, लखनऊ और पूर्वांचल के दूसरे जिलों तक यात्रा करने वाले हजारों लोग रोजाना इसका उपयोग करते हैं। यमुना एक्सप्रेसवे प्रबंधन ने इसका आंकलन किया और शाम चार बजे तक निकले वालों में ओवर स्पीड दौड़ने वालों का डाटा लिया। अधिकारियों ने बताया कि 1054 वाहनों ने 120 की रफ्तार से अधिक तक वाहनों को दौड़ाया है। अब उनका चालान कराने के लिए डाटा एनआईसी को भेज दिया गया है।
जागरूकता के लिए नहीं उठाए ठोस कदम
यमुना एकसप्रेसवे पर भले ही प्राधिकरण और जेपी ने रफ्तार कम कर दी हो। मगर जीरो प्वाइंट से लेकर एक्सप्रेसवे पर अधिक्तर स्थानों पर इसकी जानकारी तक नहीं है। दूसरे जिलों और राज्यों से आने वाले वाहन चालकों को रफ्तार कम होने की जानकारी ही नहीं हो पा रही है। ऐसे में उनके चालान हो जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि जेपी ने वाहन चालकों की जागरूकता के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं।
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए 15 दिसंबर से हर साल की तरह इस बार भी यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की स्पीड कम कर दी है। यदि वाहन चालक उल्लंघन करेंगे तो उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जाएगी। -मोनिका रानी, प्रभारी सीईओ, यमुना प्राधिकरण