मूलरूप से होडल के सौंहद गांव निवासी रिंकी सौरोत ने पुलिस आयुक्त को दी शिकायत में कहा कि शादी के बाद से वह पति के साथ बल्लभगढ़ में रह रही है। दो साल पहले पति के फेसबुक अकाउंट पर किडनी दान करने की अपील का विज्ञापन देखा था। उन्होंने विज्ञापन पर क्लिक कर दिया। कुछ समय बाद कुछ लोगों ने फोन पर रिंकी से संपर्क किया और किडनी देने की बात कही। रिंकी ने किडनी दान करने से मना कर दिया। इसके बाद उक्त लोग रिंकी से संपर्क में बने रहे और किडनी के बदले में पति की सरकारी नौकरी लगवाने की बात कही। स्थायी नौकरी की बात सुनकर वह उक्त लोगों के झांसे में आ गई और किडनी देने के लिए राजी हो गई।
आरोपियों ने बताया कि सरकार के नियमानुसार किडनी केवल परिवार के सदस्य ही दे सकते हैं। इस लिए कुछ कागजात तैयार करने होंगे। रिंकी ने इसके लिए मंजूरी दे दी। किडनी दिल्ली के विनोद मंगोत्रा नाम के व्यक्ति को ट्रांसप्लांट होनी थी।
आरोपियों ने मरीज विनोद की पत्नी अंबिका के नाम से रिंकी का फर्जी आधार कार्ड और शादी का प्रमाण पत्र बनवा दिया। इसके बाद आरोपी रिंकी और मरीज विनोद को लेकर कई अस्पतालों में ट्रांस्पलांट की फाइल लगाते रहे। कुछ अस्पतालों ने आशंका जाहिर करते हुए ट्रांसप्लांट करने से मना कर दिया। आरोप है सेक्टर 16 स्थित क्यूआरजी अस्पताल ने रिंकी की किडनी विनोद को ट्रांसप्लांट कर दी। महिला ने अस्पताल के स्टॉफ पर आरोपियों के साथ मिली भगत करने का आरोप लगाया है।
मामले की जांच कर रहे एसीपी ओल्ड फरीदाबाद महेंद्र वर्मा का कहना है मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही आरोपों की सच्चाई का पता लगेगा। आरोप पाए जाने पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा।