देश की बिटिया निर्भया के साथ हुई दरिंदगी को बुधवार को आठ वर्ष पूरे हो गए। निर्भया सामूहिक दुष्कर्म व मौत के बाद देश में महिलाओं के लिए सुरक्षा के लिए निर्भया फंड बनाया गया था। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्भया फंड से महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। निर्भया फंड से दिल्ली में महिला पीसीआर तैनात की गई हैं। इन पीसीआर में चालक समेत सभी पुलिस स्टाफ महिलाएं होती हैं।
देश की सामूहिक चेतना को हिला कर रख देने वाले निर्भया सामूहिक कांड के बाद महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की यूपीए सरकार ने 2013 के बजट में निर्भया फंड की घोषणा की। तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शुरुआती तौर पर 1000 करोड़ का आवंटन भी किया। 2014-15 और 2016-17 में एक-एक हजार करोड़ और आवंटित किए गए। दिल्ली में ये फंड दिल्ली पुलिस के एसपीयूडब्ल्यूसी डीसीपी की निगरानी में होता है।
दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त जनसंपर्क अधिकारी अनिल मित्तल ने बताया कि निर्भया फंड से पैसा महिलाओं की सुरक्षा पर किया जाता है। निर्भया फंड से दिल्ली में लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग करवाई जाती है। दिल्ली पुलिस अभी तक कई हजार लड़कियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग दिलवा चुकी है। इसके अलावा निर्भया फंड से दिल्ली में खासकर नई दिल्ली में दो दर्जन पीसीआर वैन सड़कों पर उतारी गई हैं। इन पीसीआर में महिला पुलिसकर्मी ही तैनात होती हैं। इसके अलावा पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। महिला शिकायकर्ताओं के लिए सभी थानों में महिला डेस्क बनाई गई हैं। हालांकि दिल्ली पुलिस निर्भया फंड को पूरे वर्ष खर्च नहीं कर पाती है।