पक्षियों के विमान से टकराने के बढ़ते खतरे के बीच वन्यजीव प्रबंधन में नई व्यवस्था शामिल
शनि पाथौली
नई दिल्ली। आईजीआई एयरपोर्ट पर विमानों और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बर्ड हिट (पक्षी के विमान से टकराने) के खतरे को कम करने के लिए अब विशेष जाल प्रणाली लगाई जाएगी। एयरपोर्ट परिसर के उन हिस्सों में जाल लगाए जाएंगे, जहां पक्षियों के पहुंचने की आशंका रहती है। जाल के साथ इससे जुड़े अन्य उपकरण भी लगाए जाएंगे। इसका उद्देश्य पक्षियों की आवाजाही को नियंत्रित कर उन्हें विमान संचालन वाले संवेदनशील क्षेत्रों से दूर रखना है।
विमान के उड़ान भरने या उतरने के दौरान पक्षी के उससे टकराने को बर्ड हिट कहा जाता है। इससे इंजन, पंख, विमान के आगे के हिस्से समेत अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों को नुकसान पहुंच सकता है। पक्षी के इंजन में फंसने से उसकी कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से प्रमुख एयरपोर्ट पर पक्षियों और अन्य वन्यजीवों की आवाजाही नियंत्रित करने के लिए कई स्तरों पर उपाय किए जाते हैं।
दिल्ली में पांच साल में 695 बर्ड हिट
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से जुलाई 2025 में राज्यसभा में साझा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली एयरपोर्ट पर 2020 से जून 2025 तक 695 बर्ड हिट दर्ज हुए। इस अवधि में प्रमुख भारतीय एयरपोर्ट में दिल्ली में सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। मुंबई में 407, बंगलूरू में 343 और अहमदाबाद में 337 मामले सामने आए।
पहले से कई उपाय, अब जाल भी
आईजीआई पर वन्यजीव खतरा प्रबंधन योजना के तहत पक्षियों को दूर रखने, चूहों पर नियंत्रण, भोजन और उनके ठिकानों को नियंत्रित करने तथा कीट प्रबंधन सहित जैविक और रासायनिक उपाय किए जाते हैं। अब विशेष जाल प्रणाली भी इसमें जोड़ी जा रही है।
2023 में फेडएक्स विमान को लौटना पड़ा
एक अप्रैल 2023 को दुबई जा रहे फेडएक्स के मालवाहक विमान से उड़ान के कुछ देर बाद पक्षी टकरा गया था। विमान करीब 1,000 फीट की ऊंचाई पर था। इसके बाद उसे दिल्ली लौटना पड़ा और एयरपोर्ट पर पूर्ण आपात स्थिति घोषित की गई। पक्षी के टकराने से विंडशील्ड में दरार आने की जानकारी सामने आई थी। 26 मई 2024 को लेह जा रहा स्पाइसजेट का विमान भी दूसरे इंजन से पक्षी टकराने के बाद दिल्ली लौट आया था।