दिल्ली परिवहन विभाग गुरुवार से बगैर प्रदूषण प्रमाण पत्र के सड़कों पर दौड़ रहे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है। इसके तहत बिना प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के पकड़े जाने पर विभाग की टीम एक हजार रुपये का चालान करेगी। वहीं दोबारा पकड़े जाने पर दो हजार रुपये का चालान देना होगा।
विशेष अभियान के तहत बृहस्पतिवार से परिवहन विभाग की 30 टीमें तीन शिफ्ट में सड़क पर होंगी। प्रत्येक टीम में कुल पांच सदस्य होंगे। एक समय में 10 टीम इस अभियान को अमलीजामा पहनाएंगी।
दिल्ली में वाहनों की संख्या के लिहाज से टीम की संख्या कम होने के बाबत अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान का मकसद सिर्फ चालान काटना नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 2010 के बाद सड़क पर आने वाले वाहनों को साल में एक बार जबकि इससे पहले रजिस्टर्ड वाहनों को प्रत्येक तीन माह में पॉल्यूशन जांच कराना पड़ता है।
परिवहन विभाग के मुताबिक वाहन प्रदूषण नियंत्रण जांच प्रमाण पत्र पाने व नियमित जांच कराने के लिए दिल्ली भर में कुल 663 प्रदूषण जांच केंद्र खोले गए हैं। नए वाहन को पंजीकरण के एक साल के बाद नियमित रूप से इसका पंजीकरण कराना अनिवार्य है। विभाग का मानना है कि दिल्ली में 40 फीसदी से ज्यादा वाहन है जो कि समय पर पीयूसी चेक नहीं कराते है।
पीयूसी सेंटर पर लगी वाहनों की कतार
बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे अभियान के मद्देनजर बुधवार को प्रदूषण जांच केंद्रों पर वाहनों की कतार दिखी। एनएच-24 पर स्थित एक प्रदूषण जांच केंद्र पर कार्यरत कर्मी ने बताया कि पहले औसतन 20-25 वाहन ही आते थे लेकिन पिछले करीब एक सप्ताह से रोजाना आने वालों की संख्या 60 के ऊपर पहुंच गई है।