राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग में अमन जून की हत्या के मामले में तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर नीरज और बाली से स्पेशल सेल ने पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि दोनों ने पूछताछ में अमन की हत्या में शामिल होने से इन्कार कर दिया है।
पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित फूड आउटलेट बर्गर किंग में अमन जून की हत्या के मामले में स्पेशल सेल ने दो गैंगस्टरों नीरज बवानिया और नवीन डबास उर्फ बाली से पूछताछ की। दोनों तिहाड़ जेल में बंद हैं। स्पेशल सेल ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।
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सूत्रों का कहना है कि दोनों ने पूछताछ में अमन की हत्या में शामिल होने से इन्कार कर दिया है। उधर पुलिस को अभी हत्या में शामिल तीन हमलावरों और लड़की के बारे में कोई सुराग नहीं मिला है। राजौरी गार्डन में मंगलवार रात युवक अमन जून की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जब वह एक लड़की के साथ बर्गर किंग में बैठा हुआ था।
दो हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलीबारी की और फरार हो गए। वारदात के बाद से उसके साथ मौजूद लड़की भी फरार है। जांच में पता चला है कि अमन जून अशोक प्रधान गैंग से जुड़ा हुआ था। विरोधी गैंग के बदमाशों ने लड़की के जरिये उसे वहां लाकर हत्या की है।
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हत्या के बाद स्पेन में बैठे गैंगस्टर हिमांशु भाऊ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की, जिसमें उसने हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उसके गिरोह ने अक्तूबर 2020 में नीरज बवानिया के मौसेरे भाई शक्ति सिंह की हत्या का बदला लिया है। इन्हें शक है कि शक्ति के बारे में अमन ने विरोधी गैंग के अशोक प्रधान के बदमाशों को उसके बारे में जानकारी दी थी।
नीरज बवानिया और बाली भगोड़े स्पेन स्थित गैंगस्टर हिमांशु भाऊ के साथी हैं इसलिए पुलिस को आशंका है कि जेल में बंद दो गैंगस्टर नीरज बवानिया और नवीन डबास उर्फ बाली इस हत्याकांड में शामिल हो सकते हैं। हिमांशु भाऊ ने पोस्ट में गैंगस्टर नवीन डबास उर्फ बाली, नीरज बवानिया, काला खरमपुर और नीरज फरीदपुर के नामों का जिक्र किया था। इसमें यह भी कहा गया है कि हत्याएं जारी रहेंगी।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि नीरज और बाली को हिरासत में लेकर स्पेशल सेल की दो टीमों ने पूछताछ की। दोनों ने अब तक जून की हत्या में शामिल होने से इन्कार किया है। नीरज 2015 और बाली 2013 से तिहाड़ में बंद हैं।
दोनों पर दिल्ली और हरियाणा में रंगदारी, आर्म्स एक्ट और अन्य जघन्य मामलों के कई मामले दर्ज हैं। अधिकारी ने बताया कि 2021 में हरियाणा के हिसार निवासी प्रदीप उर्फ काला खैरमपुरिया गैंगवार में मारा गया था। इस हत्या में अमन के कूल्हे में गोली लगी थी, लेकिन वह बच गया।
मुखबिरी के शक में की गई अमन जून की हत्या
दिल्ली के राजौरी गार्डन में बुधवार की रात बर्गर किंग आउटलेट में छोछी गांव के अमन जून की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। माना जा रहा है कि मुखबिरी के शक में भाऊ गैंग ने अमन की हत्या की है। अमन साल 2020 से ही भाऊ गैंग के निशाने पर था। उसे शक था कि उसकी हत्या हो सकती है, इसलिए वह काफी समय से भूमिगत चल रहा था।
जिले के गांव छोछी निवासी अमन जून की बुधवार को दो हमलावरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। वारदात के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर रोहतक के टिटौली गांव के रहने वाले हिमांशु भाऊ ने अमन की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। इस वजह से दिल्ली पुलिस इस वारदात को गैंगवार से जोड़कर देख रही है।
सूत्रों की मानें तो अक्तूबर 2020 में छोछी गांव में शक्ति सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड में विरोधी गुट अशोक प्रधान निलौठी के बदमाशों का नाम सामने आया था। शक्ति सिंह पर भी कई आपराधिक केस दर्ज थे। मृतक शक्ति सिंह गैंगस्टर नीरज बवाना का रिश्तेदार था।
शक्ति सिंह का शराब का ठेका था। नीरज और उसके सहयोगी गैंग के लोगों को शक था कि अमन जून ने ही शक्ति की रेकी करके मुखबिरी की थी। अमन खुद भी अशोक प्रधान निलौठी गांव का सक्रिय सदस्य था, लेकिन अमन पर बहादुरगढ़ में किसी भी थाने में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।
शक्ति की हत्या के बाद से अमन नहीं गया था घर : पुलिस सूत्रों की मानें तो शक्ति सिंह की हत्या के बाद से अमन जून अपने घर नहीं गया था। उसे भय था कि उसकी हत्या करवा दी जाएगी। ऐसे में वह बार-बार जगह बदलकर रह रहा था। लेकिन, 19 जून को दिल्ली के राजौरी गार्डन में अमन की हत्या कर दी गई।