दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम खान
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम खान के विदेशी लिंक खंगाल रही है कि वह विदेश में किन-किन लोगों के संपर्क में थे और इन लोगों से कब और क्यों मिले। जफरूल खान ने जब विवादित टिप्पणी पोस्ट की थी, उसे 13 विदेशी लोगों को टैग किया था। दिल्ली पुलिस ने जफरूल खान के लैपटॉप को ही जब्त किया है और उसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। दूसरी तरफ जफरूल खान के केस को साइबर सेल से स्पेशल सेल में ट्रांसफर कर दिया गया है।
जफरूल इस्लाम खान ने 28 अप्रैल को अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट लिखा था कि भारत में मुसलमानों पर जो अत्याचार हो रहे हैं, अगर हिंदुस्तान के मुसलमानों ने इसकी शिकायत अरब देशों में कर दी, तो हिंदुस्तान में जलजला आ जाएगा। हालांकि उन्होंने 1 मई को पोस्ट के लिए माफी मांगी थी। स्पेशल सेल ने 30 अप्रैल को देशद्रोह का मामला दर्ज कर लिया था। इसकी जांच स्पेशल सेल की साइबर सेल कर रही थी।
साइबर सेल को शुरुआती जांच में पता लगा कि जफरूल खान ने अपनी पोस्ट में 13 विदेशियों को टैग कर रखा था। इनमें चार विदेशी न्यूज चैनल के लोग थे। इसके अलावा यूएई की राजकुमारी समेत वहां के राजकुमार व राजकुमारी व बड़े लोगों को टैग किया हुआ था। स्पेशल सेल इस बात की जांच कर रही है कि अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष ने विदेशी लोगों को टैग क्यों किया था। सभी 13 लोग खाड़ी देश के लोग हैं।
इस पोस्ट के बाद वहां के सोशल मीडिया पर बवाल हो गया था और भारत के बारे में काफी कुछ विवादित लिखा जाने लगा था। इसके बाद ये केस साइबर सेल से लेकर स्पेशल सेल की साउथ-वेस्टर्न रेंज को सौंप दिया गया था। पुलिस ने अभी जफरूल खान का लैपटॉप जब्त किया है। उन्होंने इसी लैपटॉप से विवादित टिप्पणी पोस्ट की थी। हाईकोर्ट ने बुधवार को जफरूल खान से पूछताछ करने के लिए पुलिस की ओर से सख्ती बरतने पर रोक लगा दी है।