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खुलासा: मूक-बधिर बनकर घरों में करते थे चोरी, तमिलनाडु के गिरोह का पर्दाफाश, फर्जी सर्टिफिकेट भी मिला

Mon, 02 May 2022 10:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मूक-बधिर बनकर चोरी करते थे। आरोपी सुबह के समय घरों को निशाना बनाते थे। पकड़े जाने पर मूक-बधिर बन जाते थे। 
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फाइल फोटो - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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दक्षिण जिले के स्पेशल स्टाफ ने तमिलनाडु के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो मूक-बधिर बनकर चोरी की वारदात करते थे। पुलिस ने इस गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये सुबह के समय घरों में चोरी करते थे। पकड़े गए तो मूक-बधिर बन जाते थे। अगर नहीं पकड़े गए तो सामान उड़ाकर पार हो जाते थे। 
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इन्होंने मूक-बधिर होने का फर्जी सर्टिफिकेट भी बनवा रखा था। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी से घरों में चोरी के चार केसों को सुलझाने का दावा किया है। इनके पास से चोरी का लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बैग बरामद किया गया है। दक्षिण जिला डीसीपी बेनीटा मेरी जैकर ने बताया कि सुबह के समय घरों में चोरी की वारदात को देखते हुए स्पेशल स्टाफ प्रभारी अतुल त्यागी की देखरेख में हवलदार रोशन, यशपाल व संजय की विशेष टीम गठित की गई। 

इस पुलिस टीम ने 100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला। आरोपियों के रूट को फोलो किया गया। डोजियरों को खंगाला गया। पुलिस टीम इंस्पेक्टर अतुल त्यागी की देखरेख में 29 अप्रैल को मालवीय नगर में आईटीआई के पास पेट्रोलिंग कर रही थी। तभी दो युवकों को नीले तौलिए में ढके सामान का अदला-बदली करते हुए देखा। 
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पुलिस टीम ने उन्हें पकडने की कोशिश की तो वह भागने लग गए। मगर सतर्क हवलदार रोशन व यशपाल की टीम ने दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इनके कब्जे से एचपी का लैपटॉप बरामद किया गया। आरोपियों ने पुलिस के सामने मूक-बधिर बनने की कोशिश की। उन्होंने पुलिस को मूक-बधिर होने का सर्टिफिकेट भी दिखाया। मगर आरोपियों की पुलिस के सामने ज्यादा नहीं चली और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान एम जीवा(19) व एस. साथिवेल्लू (20)के रूप में हुई।
 
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दोनों आरोपी तमिलनाडु के रहने वाले हैं। दोनों करीब 15 दिन पहले दिल्ली आए थे। ये सुबह के समय घरों में चोरी करते थे। सुबह के समय घरों के दरवाजे खुले रहते हैं। अगर घरों का दरवाजा खुला रहता था तो आरोपी महंगा इलेक्ट्रॉनिक सामान चुरा लेते थे। 

अगर ये घर में घुसते हुए पकड़े जाते तो आरोपी मूक-बधिर बन जाते थे। ये कहते थे कि वह चंदा मांगने के लिए मूक-बधिर स्कूल से आए हैं। जीवा दसवीं कक्षा तक पढ़ा है, जबकि एस. साथिवेल्लू ने स्कूल में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। दोनों आपस में जिगरी दोस्ते हैं।
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