ग्रेटर नोएडा में रिश्तों को शर्मसार करते हुए एक बेटा बुजुर्ग बीमार पिता को बेटा डेल्टा-वन सेक्टर में छोड़कर भाग गया। बुजुर्ग किसी तरह मंदिर में पहुंचे और वहां जाकर बेहोश हो गए।
मंदिर के महंत और अन्य लोगों ने बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचा। होश में आने के बाद फिर वापस मंदिर ले आए। लोगों ने उनके दोनों बेटों से बात की लेकिन कोई भी बेटा बुजुर्ग को रखने के लिए तैयार नहीं है।
बुजुर्ग की हालत काफी नाजुक है और मानसिक रूप से तनाव में हैं। पीड़ित त्रिलोकी नाथ ने बताया कि वह एक बड़ी कंपनी में ऊंचे ओहदे पर काम करते थे। उनका बड़ा बेटा एक कंपनी में साफ्टवेयर इंजीनियर है और छोटा बेटा सीए है।
रिटायर्ड होने पर उन्हें मोटी रकम मिली थी। जिसमें गाजियाबाद इंदिरापुरम और ग्रेनो में फ्लैट लिए। लेकिन बडे़ बेटे ने धोखे से सारी संपत्ति अपने नाम करा ली। जिससे नाराज होकर छोटे बेटे ने उसके साथ रहने से इंकार कर दिया।
जिससे वह बडे़ बेटे के पास रहने लगा। लेकिन बीमार रहने के कारण बड़े बेटे और उसकी पत्नी का व्यवहार खराब रहने लगा। उन्होंने समय से खाना-पीना न देने और इलाज न कराने का भी आरोप लगाया।
पीठ में घाव होने और डायबिटिक होने के कारण वह परेशान थे तो ग्रेटर नोएडा स्थित एडब्ल्यूएचओ सोसायटी में रहने वाले दूसरे बेटे के घर आ गए। लेकिन उसने भी रखने से इंकार कर घर में नहीं घुसने दिया। मजबूरी में वह अपने बड़े बेटे के पास पहुंचा लेकिन उसने गाड़ी में बैठाया और ग्रेनो में उसे छोड़कर भाग गया।