राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने दिल्ली सरकार को
खिड़कीपुर एक्सटेंशन के मामले में पीड़ित 12 अफ्रीकी महिलाओं को 25-25 हजार
रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है।
आयोग के मुताबिक, दिल्ली के पूर्व
कानून मंत्री सोमनाथ भारती ने 15-16 जनवरी की रात गैर-कानूनी तरीके से
महिलाओं को प्रताड़ित किया था।
आयोग का मानना है कि भारती ने अफ्रीकी
महिलाओं के मानवाधिकारों का हनन किया है। दूसरी तरफ सोमनाथ भारती ने आयोग
के फैसले पर आपत्ति जाहिर की है।
सेवानिवृत्त
सेशन जज बीएल गर्ग और अपनी टीम की रिपोर्ट की जांच के आधार पर आयोग का
कहना है कि तत्कालीन कानून मंत्री ने अपने समर्थकों के साथ अफ्रीकी महिलाओं
को अपमानित किया।
इतना ही नहीं, नस्लीय टिप्पणियां करने के साथ ड्रग लेने
का आरोप भी लगाया। लेकिन एम्स के डाक्टरों की जांच से साफ है कि महिलाओं ने
कोई ड्रग नहीं लिया था।