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ऑटो-टैक्सी में उड़ाई जा रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां ...लेकिन बसों में पालन

Fri, 17 Jul 2020 05:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली  
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सोशल डिस्टेंसिंग - फोटो : अमर उजाला
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कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए ऑटो और टैक्सी में सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की रोजाना धज्जियां उड़ाई जा रही है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा खुद के हवाले है। ऑटो या टैक्सी में ड्राइवर से यात्रियों की दूरी महज एक से डेढ़ फुट की होती है जो नियमों की अनदेखी है। हालांकि बसों में इसका सख्ती से पालन करते हुए 20 से कम सवारी ही बिठाए जा रहे हैं। हां यात्रियों के साथ साथ खुद की सुरक्षा के लिए फिक्रमंद यात्री मास्क, सैनिटाइजर के साथ सफर कर रहे हैं। ऑटो, टैक्सी और बसों में भी सफाई का ध्यान रखा जा रहा है, क्योंकि सभी को संक्रमण से बचाव की चिंता सता रही है। 

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दिल्ली में परिवहन सेवाओं का बृहस्पतिवार को संवाददाता सर्वेश कुमार ने जायजा लिया, पेश है इसकी रिपोर्ट।

प्रगति मैदान के पास, दोपहर बाद 3.20 बजे टैक्सी
यात्री का इंतजार कर रहे टैक्सी चालक दीपक ने बताया कि संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर, मास्क रखने के अलावा रोजाना कार को सैनिटाइज करते हैं। अनलॉक वन में मिली रियायत के बाद पिछली सीट पर दो यात्री सफर करते हैं। लेकिन कमाई से अधिक जरूरी कोरोना संक्रमण से बचाव है। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का टैक्सी में कैसे पालन हो सकता है। ड्राइवर और यात्री के बीच की दूरी काफी कम है।

पुराना किला के पास सवारी को छोड़ने के बाद दूसरे यात्री का इंतजार कर रहे देवेंद्र यादव ने बताया कि एक ही परिवार के अगर तीन सदस्य हो तो अक्सर बैठते हैं। अगली सीट पर नहीं बिठाया जाता है, लेकिन बचाव के लिए प्लास्टिक शीट लगाया है ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। 
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शाम करीब चार बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रूट संख्या 77 बी की बस में यात्री सवार होने लगे। पीछे भी बसें थी, लेकिन रवाना होने से पहले सोशल डिस्टेंसिंग नियमों के बारे में यात्रियों को जानकारी दी गई। अगर कोई गलत सीट पर बैठ गया तो उसे सही जगह पर बिठाने के बाद जैसे ही 19 यात्री हो गए बस रवाना हो गई। ड्राइवर पवन ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। अगर यात्रियों की संख्या  20 है तो अगले स्टॉप पर बस नहीं रुकती है। कंडक्टर, ड्राइवर और मार्शल भी लगातार हालात पर नजरें बनाए रखते हैं।

नियम:
अनलॉक वन के दौरान दी गई रियायत के बाद ऑटो में एक से तीन सवारी सफर कर रहे हैं। टैक्सी की पिछली सीट पर दो यात्री सफर कर सकते हैं। बचाव के लिए ड्राइवर सीट को शील्ड कर दिया जाता है ताकि यात्रियों का संक्रमण से बचाव हो सके। टैक्सी-ऑटो में यात्री और चालक की बीच की दूरी कम होने की वजह से कमाई के चक्कर में रोजाना सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की अनदेखी का सिलसिला जारी है। यात्रियों से होने वाली कमाई की जरूरत को देखते हुए चालक रोजाना नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इसपर शिकंजा कसने के लिए किसी भी एजेंसी या विभाग की तरफ से कार्रवाई नहीं की जा रही है। 

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, महज औपचारिकता 
सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों के लिए जारी निर्देश में कहा गया है कि किसी भी वाहन में इसका पालन करना यात्रियों और चालक की जिम्मेवारी है। रोजाना सैकड़ों ऑटो ओर टैक्सी में इसका उल्लंघन हो रहा है। टैक्सी में दो यात्री जबकि ऑटो में एक से अधिक यात्री सफर कर सकते है, सभी के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के निर्देश हैं, तीन फुट-पांच ुट के वाहन में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना भी मुमकिन नहीं।

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