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जीएसटी लागू होने के पहले दिन व्यापार पड़ा मंदा, बाजारों में नहीं दिखे ग्राहक

Sat, 01 Jul 2017 08:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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जीएसटी लागू होने के पहले राजधानी की सभी थोक मार्किटों में सन्नाटा पसरा रहा। अन्य राज्यों से आने वाले थोक व्यापारी तो नदारद रहे ही साथ ही व्यापार जगत में यह असमंजस की स्थिति रही कि आखिर कैसे समझे कर के इस नये नियम को। पिछले चार दिन से आंदोलनरत्त कपड़ा व फर्नीचर व्यापारियों ने आज भी बंद रखा।
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जीएसटी लागू होने के पहले दिल्ली के कटरा (कपड़ा) बाजार सूना रहा। थोक व्यापार करीब-करीब ठप रहा। व्यापारियों में घबराहट है कि जीएसटी लागू होने के बाद कैसे करे व्यापार। दरअसल उन्हें यह विश्वास था कि केंद्र सरकार कपड़ा व्यापारियों को राहत देगी, लिहाजा कपड़ा व्यापारी इसे लेकर तैयारी भी नहीं कर सके थे और धरना-प्रदर्शन में लगे रहे। देर शाम दिल्ली के 70 कटरा के अध्यक्षों ने एक बैठक भी किए। यहीं हाल दिल्ली के फर्नीचर व्यापारियों का भी रहा। खरीदार तो मिले नहीं साथ ही यह भी असमंजस में रहे कि नये कर के अनुसार कैसे फर्नीचर की बिक्री की जाए।   
   

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दिल्ली हिंदुस्तान मर्केटाइल एसोसिएशन के महामंत्री मुकेश सचदेवा ने बताया दिल्ली कपड़ा व्यापार का बहुत बड़ा केंद्र है। पुरानी दिल्ली इलाके में 70 कटरे है। यहां से उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर, हरियाणा ही नहीं दक्षिण भारत से भी व्यापारी आकर थोक व्यापार करते है। लेकिन जीएसटी लागू होने के पहले दिन ना तो दिल्ली के व्यापारी ही खरीदारी करने पहुंचे और ना ही दूसरे राज्यों से व्यापारी आए। कटरे में 2-4 प्रतिशत से ज्यादा का व्यापार नहीं हो सका। इस नये कर को लेकर व्यापारियों में घबराहट का माहौल है। 

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जीएसटी कैसे लागू होगा इसको लेकर दिल्ली के ही नहीं अन्य राज्यों के व्यापारी भी असंजस में रहे। यही कारण है कि सदर बाजार, खारी बाबली, गांधी नगर इत्यादि की थोक मार्किटों में सन्नाटा रहा। अन्य राज्यों के व्यापारियों के न आने के कारण दुकानदार खाली बैठे रहे, हालत यह रही कि दोपहर तक उनकी बोहनी तक नहीं हुई। दुकानदारों का कहना कहा था कि सरकार ने जीएसटी के लिए करोड़ो के विज्ञापन दे दिए लेकिन एक भी ऐसा विज्ञापन नहीं दिया कि दुकानदार जीएसटी के लिए बिल बुक व इन्वाईस कैसे बनवाएं। ऐेसे में जरा सी चूक होने पर आयकर विभाग का खतरा सिर पर है।

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कटरा नवाब व्यापार संघ के सचिव राहुल शर्मा ने बताया कि जीएसटी की भ्रम की स्थिति में अन्य राज्यों से व्यापारी नहीं आए और कपड़ा बाजार पहले से ही हड़ताल पर था। ऐसे में आज सन्नाटा रहा और सोमवार को ही कुछ पता चलेगा। दिल्ली फर्नीचर फेडरेशन के अध्यक्ष रतिंदर पाल सिंह भाटिया ने बताया कि अभी तो लोगों को जीएसटी समझ में ही नहीं आ रहा है। बाजार में ग्राहक नहीं है। कुछ फर्नीचर वाले अभी पुराने रेट पर ही बिक्री कर रहे है। बाहर से व्यापारियों का कोई ऑडर नहीं आ रहा है। मेक इन इंडिया का जोश इससे खत्म हो जाएगा और चीन का सस्ता फर्नीचर की तरफ लोगों का ध्यान जाएगा। 
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द बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल ने कहा कि सरकार ने दो महीने का समय दिया है। अभी सॉफ्टवेयर अपडेट करने का काम व्यापारी कर रहे है। बाजार में ग्राहक ना के बराबर रहे। कुछ दिन के बाद सबकुछ पटरी पर आ जाएगी। हालांकि उन्होंने बताया कि एक तोला सोना पर अब 600 रुपया ग्राहकों को अधिक देना होगा। कुल टैक्स अब एक तोले पर 900 रुपया ग्राहकों को ज्यादा देना होगा।      
 
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