नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए कौशल विकास केंद्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। यह यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-33 में पांच करोड़ रुपये की लागत से बनेगा।
प्राधिकरण के मुताबिक, इसके प्रस्ताव पर सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह ने सहमति दे दी है। एक एकड़ एरिया में बनने वाले इस प्रोजेक्ट में 600 से 700 बच्चे एक साथ प्रशिक्षण ले सकेंगे। उनको एक महीने, तीन महीने और छह माह के सर्टिफिकेट भी जारी होंगे, जो सभी जगह मान्य होंगे। इसके निर्माण की जिम्मेदारी प्राधिकरण पर है, लेकिन बनने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार को हस्तांतरित हो जाएगा।
जिले में यह पहला कौशल विकास केंद्र होगा। प्रदेश सकार अपने 100 दिन के घोषणापत्र में भी इसे शामिल कर रखा है। इसमें मोबाइल रिपेयर, वेल्डिंग जैसे एक दर्जन ट्रेड में ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें दाखिला टेस्ट के आधार पर होगा। सीईओ ने बताया कि प्रस्ताव जल्द ही शासन को भेज दिया जाएगा। वहां से अप्रूवल से मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। इससे क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
यमुना प्राधिकरण के सेक्टर-18 में आईटीआई बनाने का काम शुरू हो गया है। करीब दो एकड़ में बन रहे इस संस्थान में एक साथ 750 बच्चों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। इसे बनाने में करीब 14 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इसकी बाउंड्री वॉल बन चुकी है। बाकी निर्माण के लिए टेंडर जारी हुआ है। यह एक साल में बनकर तैयार हो जाएगा। इसमें अगस्त 2018 से शिक्षण कार्य शुरू करने की योजना है। यहां के उद्योगों की जरूरत के हिसाब से युवाओं को तकनीकी ज्ञान हासिल करने में आसानी होगी।