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लापरवाही बनी काल: जिंदगी लील गया अंगीठी का धुंआ... दिल्ली के अलीपुर और इंद्रपुरी में दम घुटने से छह की मौत

Sun, 14 Jan 2024 10:51 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

शुरुआती जांच के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि सभी लोगों की मौत अंगीठी की वजह से दम घुटने से हुई। मौत की सही वजहों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजधानी दिल्ली में पड़ रही कड़ाके की ठंड से बचने के लिए बंद कमरे में अंगीठी जलाना एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। बाहरी-उत्तरी दिल्ली के अलीपुर इलाके में एक ही परिवार के चार लोगों की अंगीठी जलाकर सोने से दम घुटकर मौत हो गई। वहीं इसी तरह एक दूसरे हादसे में पश्चिम दिल्ली के इंद्रपुरी में रेस्टोरेंट मालिक के चालक और घर में काम करने वाले युवक की अंगीठी जलाकर सोने से जान चली गई। हादसों की सूचना मिलते ही जिले के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा। क्राइम टीम के अलावा एफएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। शुरुआती जांच के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि सभी लोगों की मौत अंगीठी की वजह से दम घुटने से हुई। मौत की सही वजहों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा।

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हादसा नंबर-1
पहली हादसा अलीपुर के खेड़ाकलां गांव में हुआ। यहां एक दंपती और उनके दो मासूम बच्चों की मौत दम घुंटने से हो गई। मृतकों की शिनाख्त राकेश (40) उनकी पत्नी ललिता (38) और दो मासूम बच्चे पीयूष (8) व सन्नी (7) के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह 6.40 बजे टीम को सूचना मिली कि एक व्यक्ति अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। खिड़की में लगे शीशे से कमरे में अंदर देखने पर वहां मौजूद चार लोग अचेत पड़े हुए दिखे।

पुलिस ने खिड़की को तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया बाद में दरवाजा खोला गया। कमरे में राकेश, उनकी पत्नी ललिता और दोनों बेटे पीयूष और सन्नी अचेत पड़े थे। राकेश के मुंह से झाग निकल रहे थे। पास ही चोरों के पास जमीन पर अंगीठी रखी हुई थी। जांच करने पर पता चला कि चारों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने तुरंत क्राइम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर जांच करवाई। टीम ने मौके से साक्ष्य इकट्ठा किए। जांच के बाद पुलिस आशंका जता रही है कि बंद कमरे में अंगीठी जलाने से निकले धुंए की वजह से चारों का दम घुट गया। राकेश मूलरूप से बिहार के मुंगेर के रहने वाले थे और दिल्ली में टैंकर चालक के रूप में काम करत थे। जांच में पता चला कि देर रात राकेश का परिवार कमरे में अंगीठी जलाकर सो गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद उनके चचेरे भाई राजू और भांजा आ गए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।

हादसा नंबर-2
दूसरा हादसा इंद्रपुरी इलाके में हुआ। यहां संजय शर्मा परिवार के साथ सी-ब्लॉक, इंद्रपुरी में रहते हैं। इनका कनॉट प्लेस में पिंड बलूची नाम से रेस्टोरेंट है। संजय शर्मा ने सुबह करीब 8:30 बजे पुलिस को कॉल कर बताया कि उनके दो कर्मचारी कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस उनके घर पर पहुंच गई। पुलिस को संजय ने बताया कि तीसरी मंजिल के एक कमरे में उनके चालक राम बहादुर (57) और रसोइया अभिषेक (22) रहते हैं।

पुलिस तीसरी मंजिल स्थित कमरे के बाहर पहुंची और दरवाजा तोड़कर कमरे में गई। वहां दोनों कर्मर्चारी अचेत पड़े थे। जांच करने पर पता चला कि दोनों की मौत हो चुकी है। छानबीन के दौरान पुलिस को कमरे में जले हुए अवशेष के साथ एक अंगीठी भी मिली है। कमरे में एक खिड़की थी जो बंद मिली। पुलिस ने आशंका जताई कि बंद कमरे में अंगीठी जलाकर सोने की वजह से दोनों का दम घुट गया। पुलिस ने क्राइम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाकर जांच करवाई। टीम ने वहां से साक्ष्य जुटाए।
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मालिक ने बताया कि राम बहादुर पिछले 12 साल से उनके यहां बतौर चालक काम कर रहे थे। वहीं अभिषेक एक माह से रसोइए का काम कर रहा था। रात में दोनों अपने कमरे में सोने चले गए थे। उन्होंने बताया कि दोनों मूलत: नेपाल के लुंबिनी के एक गांव के रहने वाले थे। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नेपाल से परिजनों के आने के बाद दोनों के शवों का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
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