उप राज्यपाल नजीब जंग ने 1984 के सिख दंगों की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन को मंजूरी दे दी है। दिल्ली कैबिनेट ने दंगों की जांच के लिए गुजरात की तर्ज पर एसआईटी गठन की सिफारिश उप राज्यपाल से की थी।
एसआईटी की बागडोर दिल्ली पुलिस से बाहर के अधिकारी के हाथ में देने की सिफारिश की गई थी।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उप राज्यपाल से दंगों की जांच के लिए एसआईटी गठन को स्वीकृति मिल गई है।
इस मामले में शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने पहले ही कहा है कि सिख दंगों के जो केस बंद हो गए हैं, एसआईटी उसे भी खुलवाएगी। कई मामले ऐसे हैं जिसमें चार्जशीट दाखिल नहीं की गई है। वह चार्जशीट दाखिल करेगी।
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उल्लेखनीय है कि एसआईटी को पूरे मामले की जांच एक साल में पूरी करनी है। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दंगे फैले थे, जिसमें कांग्रेस के नेता सज्जन कुमार और जगदीश टाइटर समेत तमाम लोगों पर आरोप हैं।
ऐसे में कांग्रेस नेता पर फिर से घेरा डलेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद सिंह का कहना है कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने एसआईटी गठन का फैसला किया है।