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सिसोदिया बोले MCD नहीं चल रही तो दें इस्तीफा

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दिल्ली विधानसभा सत्र के अल्पकालिक चर्चा में सत्ता पक्ष ने भाजपा शासित एमसीडी पर जमकर निशाना साधा। चर्चा के जवाब में तो दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यहां तक कहा कि अगर एमसीडी नहीं चला पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें हम चला लेंगे। एमसीडी को एक दिन में चला कर दिखा देंगे।
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उन्होंने कहा कि जब देखो तब दिल्ली सरकार से ही एमसीडी पैसा मांगती है। उसके पास तो ना अपना कोई विजन है, समझ है और न ही इच्छा शक्ति। सफाई कर्मचारियों की तनख्वाह काटकर स्वीमिंग पुल बनाए जाते हैं।

अल्पकालिक चर्चा में ही सदस्यों ने बताया कि आखिर एमसीडी में होता क्या है। आखिर वे करते क्या हैं। इस बयान पर विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। भाजपा विधायक ओपी शर्मा ने भाषण के बीच में ही उठकर कहा कि सदन को गुमराह किया जा रहा है। चौथे वित्त आयोग की रिपोर्ट लाओ सब ठीक हो जाएगा।
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एमसीडी नहीं चला पा रहे हैं तो इस्तीफा दे दें

बिजली-पानी से संबंधित चर्चा के जवाब में सिसोदिया ने कहा कि मैं नहीं कहता कि चार महीने की सरकार में दिल्ली को स्वर्ग बना दिया गया। सीएजी की रिपोर्ट का इंतजार है।

बिजली कंपनियों के ऑडिट एक बार सामने आ जाएं तो बिजली सस्ती हो जाएगी। पानी के मसले पर उन्होंने एक बार फिर एमसीडी को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने भाजपा विधायक जगदीश प्रधान की बातों के समर्थन में कहा कि पानी का संग्रह बेहद ही जरूरी है।

कैसे किया जाए यह सोचने की जरूरत है। इसके लिए जहां-जहां बावली है उस पर से कब्जा हटना चाहिए। पानी का संचयन जहां होता है वहां कई पार्षदों का कब्जा है। स्थानीय निकाय का कब्जा हटे तो पानी का संग्रह संभव है। हरियाणा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पानी देने के वादे से मुकर गए हैं।
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अवैध निर्माण पर विधायकों ने एमसीडी को घेरा

अल्पकालिक चर्चा में ‘आप’ के विधायकों ने जमकर एमसीडी पर हमला बोला। अलका लांबा ने कहा कि अवैध निर्माण एमसीडी और दिल्ली पुलिस की गठजोड़ का नतीजा है। एमसीडी अधिकारी जानबूझकर अवैध निर्माण रोकने की पहल नहीं करते। भूमाफियाओं को प्रश्रय दिया जा रहा है। विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि एमसीडी बताए कि अभी तक कितने अवैध निर्माण को सील और डि-सील किया गया।

इसके जवाब में विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सदन के सदस्य एमसीडी के कामकाज पर चर्चा दुर्भावना के भाव से कर रहे हैं। सिर्फ विरोध के लिए विरोध हो रहा है।

हमें समझना होगा कि एमसीडी हमारा अभिन्न अंग हैं। इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। सदन के सदस्य यह भूल रहे हैं कि एमसीडी अब तीन हिस्सों बंट गया है। अवैध निर्माण पिछले 60 साल से दिल्ली में चल रहा है। विधायक ओपी शर्मा ने कहा कि न तो बिजली की समस्या खत्म हुई है और न ही पानी की।
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