संशोधित बिल्डिंग बायलॉज का लाभ जीडीए की सभी कालोनियों को मिलेगा। पहले चरण के सर्वे के बाद जीडीए ने अगले चरण के सर्वें की तैयारी शुरू कर दी है।
इसके अंतर्गत कौशांबी, वैशाली, कविनगर अशोक नगर, राजनगर जैसी विकसित कालोनियों में भी चार मंजिला इमारतों का निर्माण होगा।
जीडीए नई निर्माण के बाद बनी जरूरत के मुताबिक क्षेत्र में विकास कार्य कराएगा। विकास के लिए जनता से आपत्तियां सुझाव मांगे जाएंगे।
बीते दिनों जीडीए ने ऐसे क्षेत्रों में विकास का सर्वे कराया था, जहां से संशोधित बिल्डिंग बायलॉज के मुताबिक सबसे ज्यादा नक्शे के आवेदन मिल रहे थे।
जीडीए को सर्वे में राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम की नीति खंड, शक्तिखंड, न्यायखंड, अहिंसाखंड, ज्ञानखंड, इंद्रप्रस्थ, गोविंदपुरम, स्वर्णजयंतीपुरम और शालीमार गार्डन के कई सेक्टरों में नए बायलॉज के मुताबिक विकास की संभावनाएं मिलीं थी। जीडीए ने इस क्षेत्रों में नक्शों के आवेदन पर लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।
जीडीए चीफ इंजीनियर वीके गोयल ने कहा कि पहले चरण के बाद अब अन्य क्षेत्रों का सर्वे किया जा रहा है। शहर के प्रत्येक क्षेत्र में विकास की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। बढ़ी आबादी के सापेक्ष मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।
जीडीए वीसी संतोष यादव ने बताया कि बिल्डिंग बायलॉज संशोधनों का लाभ शहर के सभी क्षेत्रों को मिलेगा। पहले चरण में उन्हीं क्षेत्रों के नक्शों के लिए आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं जिनके लिए आवेदन ज्यादा आ रहे थे। वैशाली, कौशांबी, राजनगर समेत अन्य कालोनियों में भी सर्वे किया जाएगा। संशोधनों के मुताबिक नक्शे पास किए जाएंगे।