चिरंजीव विहार स्थित गुलमोहर टावर में बुधवार को लाखों के गहने और कैश लौटाकर सिक्योरिटी गार्ड विनोद ने ईमानदारी की मिसाल पेश की थी।
मगर बृहस्पतिवार को इस मामले में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब गहनों के मालिक अरुण सिरोही ने यह आरोप लगाया कि बिल्डर के अधिकारियों से जो सामान मिला है उसमें पांच तोला सोना और 29 हजार रुपये कम हैं।
उन्होंने आरडब्ल्यूए के साथ मिलकर इस मामले में बिल्डर के मेंटीनेंस डिपार्टमेंट में शिकायत की हुई है। यदि सामान पूरा नहीं मिलता है तो पुलिस में लिखित में शिकायत की जाएगी। हालांकि इस मामले में सिक्योरिटी गार्ड का कोई लेना देना नहीं है। क्योंकि उसने सारा सामान मेंटीनेंस डिपार्टमेंट को सौंप दिया था।
दूसरी तरफ, एसवीपी ग्रुप के प्रशासनिक अधिकारी संजीव शर्मा का कहना है कि पीड़ित या आरडब्ल्यूए ने जो आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद हैं।
टावर में तैनात कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी से गहने और कैश रेजीडेंट अरुण सिरोही को दिया था। उनका सामान बुधवार दोपहर में दिया गया था, जबकि अरुण सिरोही ने शाम पांच बजे बताया कि उन्हें पूरा सामान नहीं मिला है।
यदि इसके बाद भी आरडब्ल्यूए या अरुण सिरोही को शक है तो वह पुलिस से जांच करवा सकते हैं। कंपनी के कर्मचारियों ने कोई हेराफेरी नहीं की है।
एसएचओ कविनगर अवनीश गौतम का कहना है कि इस संबंध में अगर तहरीर दी जाती है जांच कर कार्रवाई की जाएगी।