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'जब से कांवड़ लाना शुरू किया, तब से घर में खुशियां आ गई हैं'

Fri, 29 Jul 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
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कांवडिया - फोटो : अमर उजाला
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सावन शुरू होते ही बाबा भोलेनाथ के भक्तों का हुजूम कांवड़ यात्रा में लग गया है। इसे लेकर हर वर्ग के लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। कांवड़ियों के लिए लगे शिविरों में भी रौनक बढ़ने लगी है।
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बच्चे भी उम्र की परवाह किए बिना हरिद्वार से कांवड़ लेकर आ रहे हैं। फरीदाबाद निवासी चार दोस्त अपने परिवार की खुशियों के लिए हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए हैं। इन सभी की उम्र 13 से 15 वर्ष के बीच है। बृहस्पतिवार को ये चारों दोस्त शनि मंदिर के बाहर लगे कांवड़ियों के शिविर में रुके।

कांवड़ यात्रा से घर में आई खुशियां 
ओल्ड फरीदाबाद निवासी अरुण (13) ने बताया कि मैं पिछले 3 साल से कांवड़ ला रहा हूं। कुछ वर्ष पहले ही मेरे पापा की मृत्यु हो गई थी। उसके बाद घर की आर्थिक स्थिति खराब होती चली गई। मुझे छोटी उम्र में नौकरी करनी पड़ी।
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मैं तीन हजार रुपये वेतन पर कपड़े की दुकान में काम करता हूं। उसी से घर का काम चलता है। जब से कांवड़ लाना शुरू किया, तब से घर में खुशियां आ गई हैं। इसलिए मैं हर साल कांवड़ लेने जाता हूं।

बहनों की शादी की मांगी दुआ
14 वर्षीय शिवम ने बताया कि मेरी दो बहनें हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। इसलिए उनकी शादी में दिक्कत आ रही है। मैंने भगवान शिव से उन दोनों की अच्छे घर में शादी की दुआ मांगी है। मुझे यकीन है कि भगवान मेरी कामना जरूरी पूरी करेंगे। कांवड़ लाने से मेरे अंदर बहुत सकारात्मक ऊर्जा आ रही है। मैं अब हर साल कांवड़ लेकर आऊंगा।

मां के लिए मांगी दुआ
15 वर्षीय रिंकू  ने बताया कि मेरी मां का स्वास्थ्य खराब रहता है। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। मैं 2700 रुपये की नौकरी करता हूं। बड़ी मुश्किल से घर का खर्च चल पाता है। मेरे दोस्त के घर में भी परेशानियां रहती थीं, लेकिन जब से वह कांवड़ लेकर आया, तब से उसके घर में खुशियां आ गई हैं। इसलिए मैं भी इस बार कांवड़ लेने गया था। 
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