एक निर्माणाधीन धार्मिक स्थल को गिराने की कोशिश पर बुधवार को सिद्धार्थ विहार कालोनी में बवाल हो गया। जैसे ही आवास विकास परिषद की टीम बुलडोजर लेकर निर्माण गिराने पहुंची, तो कालोनी की महिलाएं उसके सामने बैठ गईं।
सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पुलिस की मौजूदगी में हंगामा किया। लोगों का आक्रोश देख अफसरों को बुलडोजर हटाना पड़ा।
पुलिस भी कार्रवाई की हिम्मत नहीं जुटा पाई। सिटी मजिस्ट्रेट ने लोगों को शांत कराया और निर्माण न करने के आदेश दिए हैं।
कालोनी के लोगों का कहना है कि सिद्धार्थ विहार आैर आसपास की कालोनियों में हजारों परिवार रहते हैं, लेकिन यहां कोई भी धार्मिक स्थल है। त्योहारों और किसी खास पर्व पर लोगों को तीन किमी. दूर जाना पड़ता है।
कालोनी के लोगों ने आपसी सहमति से एक कोने में खाली जगह पर धार्मिक स्थल का निर्माण शुरू कराया। भनक आवास विकास परिषद के अफसरों को लगी तो वे बुधवार सुबह बुलडोजर लेकर पहुंच गए, लेकिन टीम को देख महिलाओं का गुस्सा भड़क गया, वे बुलडोजर के सामने बैठ गईं।
विजयनगर पुलिस एसएचओ और सीओ-प्रथम अनिल यादव मौके पर पहुंचे। बजरंग दल के कार्यकर्ता पिंकी चौधरी व अन्य लोग पहुंच गए। उन्होंने अफसरों को खरी खोटी सुनाई व बुलडोजर हटवाया।
हंगामा बढ़ता देख सिटी मजिस्ट्रेट कपिल सिंह सिद्धार्थ विहार पहुंचे। उन्होंने धार्मिक स्थल का निर्माण रुकवा यथास्थिति बनाने के आदेश दिए हैं। कहा कि कालोनी के लोग आवास विकास को धार्मिक स्थल के लिए दूसरा स्थान देने के लिए आवेदन करेंगे।
आविप के पदाधिकारी नियमानुसार इस पर कार्रवाई करेंगे। आविप अधिकारियों का कहना है कि वह अवैध अतिक्रमण के मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगे। उधर, विजय नगर एसएचओ का कहना है कि मामले में तहरीर नहीं मिली है।