दिल्ली की जेसिका लाल मर्डर केस में बयान से पलटने वाले बॉलीवुड अभिनेता श्यान मुंशी की गिरफ्तारी के लिए अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।
मुंशी के खिलाफ मुकदमा विचाराधीन है, लेकिन वह कई तारीखों पर पेश नहीं हुआ। तीस हजारी स्थित सीएमएम पूरन चंद ने 5 सितंबर को मुंशी के खिलाफ वारंट जारी किया। वहीं, नोटिस जारी करके जमानती को भी तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 12 जनवरी को होगी।
हाईकोर्ट के आदेश पर अदालत ने मुंशी व जयपुर स्थित सीएफएसएल के पूर्व उपनिदेशक प्रेम शंकर मनोचा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का निर्देश दिया था।
हाईकोर्ट ने बयान से पलटने वाले 19 गवाहों में से मुंशी व मनोचा को दोषी ठहराते हुए 22 मई, 13 को मुकदमा चलाने का आदेश दिया था।
पुलिस को मुंशी ने बयान दिया था कि जेसिका पर गोली मनु शर्मा ने चलाई थी। मुंशी की शिकायत पर महरौली पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
पुलिसकर्मियों को थाने में घुसकर बनाया बंधक
दिल्ली के मयूर विहार में लूट की बढ़ रही वारदात से नाराज पटपड़गंज वार्ड से पार्षद संध्या वर्मा व बुजुर्गों ने शुक्रवार शाम थाने में ताला जड़कर पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया। उनका कहना था कि वारदात की शिकायत करने पर थाना प्रभारी और एसीपी का रवैया भी ठीक नहीं रहता।
इसलिए मजबूर होकर थाने का घेराव करना पड़ा। अधिकारियों ने समझा-बुझाकर उन्हें वापस भेजा। पुलिस ने पार्षद व अन्य के खिलाफ सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और बंधक बनाने का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पार्षद ने बताया कि प्रदर्शन शांति पूर्वक किया गया था। सिर्फ दो मिनट के लिए गेट पर ताला लगाया गया, जिसे फौरन खोल दिया गया। उन्होंने पुलिस पर गलत मामला दर्ज करने के आरोप लगाया।
बढ़ती वारदात से नाराज मयूर विहार के लोगों ने शुक्रवार शाम थाने के घेराव करने की योजना बनाई। जब यह बात निगम पार्षद संध्या वर्मा को पता चली तो वे भी मयूर विहार पहुंच गईं। करीब 7-00 काफी लोग थाने पहुंच गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि तीन-चार दिन पहले इलाके में सॉफ्टवेयर इंजीनियर को चाकू मारकर लूट लिया गया था। इसके अलावा बुजुर्ग नागरिकों से लगातार झपटमारी की वारदात हो रही हैं।
शिकायत के बाद भी थाने का कोई अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचता। घेराव के दौरान संध्या वर्मा ने थाने के मेन गेट पर ताला लगा दिया। हालांकि कुछ ही देर में पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर ताला खुलवा दिया। रात करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी को समझाकर वापस भेज दिया।
अधिकारियों ने की सुरक्षा बढ़ाने की बात
स्थानीय लोगों का कहना था कि यह पार्षद के विरोध का नतीजा है कि शनिवार को पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों के साथ बैठक कर इलाके की सुरक्षा बढ़ाने की बात की। अमर उजाला से बातचीत में भाजपा की निगम पार्षद संध्या वर्मा ने बताया कि आम लोग पुलिस के पास अपनी शिकायत लेकर जाते हैं, लेकिन पुलिस उनकी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करती।
कई बार वारदात होने के बाद उन्होंने थाना प्रभारी और एसीपी को फोन किया, लेकिन किसी ने उनका फोन नहीं उठाया। पार्षद ने कहा कि जब पुलिस अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते तो आम लोगों की बात तो दूर की है। उन्होंने कहा कि जब पुलिस जनता के काम नहीं आ सकती तो उसे थाने से बाहर आने की जरूरत क्या है। इसलिए उन्होंने थाने के गेट पर ताला लगाया।