गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल को महिला रोगी के यौन उत्पीड़न मामले में सिविल सर्जन डॉ. अलका सिंह ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। अस्पताल ने सीईए अधिनियम के गोपनीयता और महिला जांच नियमों का उल्लंघन किया।
हरियाणा की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव के दिशा निर्देश पर गुरुग्राम की सिविल सर्जन एवं सह संयोजक जिला पंजीकरण प्राधिकरण गुरुग्राम डॉ. अलका सिंह ने मेदांता अस्पताल गुरुग्राम के चिकित्सा निदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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मेदांता अस्पताल में एक महिला रोगी के यौन उत्पीड़न के मामले में संज्ञान लेते हुए जारी नोटिस में कहा गया है कि क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (सीईए), 2010 की धारा 6 के तहत रोगी के उपचार के दौरान गोपनीयता, मानवीय गरिमा और निजता का पालन करना अनिवार्य है। साथ ही, धारा 7 के अनुसार, किसी महिला रोगी की शारीरिक जांच के दौरान पुरुष चिकित्सक की उपस्थिति में एक महिला व्यक्ति का होना आवश्यक है।
उक्त मामले में अस्पताल द्वारा इन दोनों प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। नोटिस में मेदांता अस्पताल को सीईए अधिनियम, 2010 की धारा 40 के तहत पांच कार्य दिवसों के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।