सम्मेलन की अधिकतर बैठकें नई दिल्ली इलाके में जाने-माने होटलों व प्रगति मैदान में होनी हैं। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिहाज से सड़कों पर रेहड़ी-पटरी व दुकानदारों को शिखर सम्मेलन संपन्न होने तक दुकान लगाने के लिए मना किया गया है।
जी-20 सम्मेलन को ध्यान में रखते हुए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) इलाके में 11 सितंबर तक पटरी पर दुकानें लगाने पर रोक लगा दी है। ऐसे में यहां तहबाजारी व एनडीएमसी से अधिकृत दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सुरक्षा, सफाई व अतिक्रमण से सड़कों को मुक्त रखने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
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सम्मेलन की अधिकतर बैठकें नई दिल्ली इलाके में जाने-माने होटलों व प्रगति मैदान में होनी हैं। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिहाज से सड़कों पर रेहड़ी-पटरी व दुकानदारों को शिखर सम्मेलन संपन्न होने तक दुकान लगाने के लिए मना किया गया है। कनॉट प्लेस के आउटर सर्किल में भी दुकानें बंद रहेंगी। ऐसे में दुकानदारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा गया है। दुकानदारों को काउंटर तक फुटपाथ से हटाने के लिए कहा गया है। दुकानदारों का कहना है कि सम्मेलन के आयोजन से खुशी तो है, लेकिन 20 दिन तक दुकानें बंद रहने से कमाई की चिंता सता रही है। यहां कुछ दुकानदार रविवार को दुकान का सामान बांधते दिखे। कनॉट प्लेस स्थित फायर स्टेशन के पास कपड़े की दुकान लगाने वाले राजू ने बताया कि सम्मेलन को लेकर देश पर गर्व है, लेकिन 20 दिन खाली बैठना बहुत मुश्किल है। एक सप्ताह पहले भी दुकान बंद करवा देते तो काम चल जाता। रोज कमाते हैं तब घर का खर्च चलता है।
पीड़ित दुकानदार बोले
मेरी दुकान एनडीएमसी से अधिकृत है। इसके बावजूद दुकान बंद करने को कहा गया है। इतने दिन दुकान बंद रहेगी तो बच्चों की स्कूल-ट्यूशन फीस देना मुश्किल हो जाएगा। -रोहित, दुकानदार
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यहां किराये के घर पर रहता हूं। 15 से 20 दिन तक दुकान बंद करने से घर का बजट बिगड़ जाएगा। प्रशासन को हमारे बारे में सोचना चाहिए। सुरक्षा जरूरी है, लेकिन रोजी-रोटी बंद हो गई है। -विनोद, दुकानदार
इससे पहले केवल दो से तीन दिन तक ही दुकान बंद होती थी। मैं यहां 40 साल से दुकान लगा रहा हूं। मजबूरी में दुकान बंद करनी होगी। ऐसे में घर का खर्च चलाना मुश्किल हो जाएगा। -रहीम, दुकानदार