अपराध शाखा के विशेष आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि तीन दिसंबर को कुछ बदमाशों ने पंजाबी बाग इलाके में फरीदकोट, पंजाब से पूर्व विधायक और शराब कारोबारी दीप मल्होत्रा के घर पर फायरिंग की थी। बदमाशों ने उनके दरवाजे पर आठ राउंड गोलियां चलाईं और फरार हो गए। लोकल पुलिस ने मामला दर्ज किया। बाद में जांच अपराध शाखा को सौंप दी गई।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला दीप मल्होत्रा का पंजाब, हरियाणा और उत्तर-प्रदेश में शराब का बड़ा कारोबार है। गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई गैंग लगातार व्हाट्सएप पर मैसेज और वायस मैसेज भेजकर मोटी रकम रंगदारी के रूप में डिमांड कर रहा था। मना करने पर गैंग ने पंजाब में शराब की दो दुकानों में आग लगा दी थी।
छानबीन के बाद अपराध शाखा ने आठ दिसंबर को आकाश और नितेश को दबोच लिया। इनके पास से पुलिस ने दो पिस्टल और छह कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद कर ली। दोनों से पूछताछ के बाद पता चला कि वारदात में एक और बदमाश शामिल है। टीम ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
पीरागढ़ी के पास हुई मुठभेड़
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दीप मल्होत्रा के घर गोली चलाने वाला बदमाश पीरागढ़ी इलाके में आने वाला है। सूचना के बाद पुलिस ने वहां पर जाल बिछा दिया। आरोपी सोमवीर वहां पहुंचा जैसे ही पुलिस ने उसे काबू करने का प्रयास किया उसने पुलिस टीम पर एक राउंड गोली चला दी। गनीमत यह रही कि गोली किसी को नहीं लगी।
जेल में हुई गोल्डी बरार-लॉरेंस के गुर्गों से दोस्ती
सोमवीर के खिलाफ सोनीपत में दो मामले दर्ज हैं। हत्या के प्रयास के मामले में वह जेल में बंद था। वहां उसकी मुलाकात गैंगस्टर आकाश कस्सा से हुई। दोनों दोस्त बन गए। इस बीच जेल में दोनों को गोल्डी और लॉरेंस के गुर्गे मिले। वहां से इनकी गैंग से नजदीकियां बढ़ी। दोनों ने गैंग के लिए काम करना शुरू कर दिया।