दुनिया भर के मानक छोड़ दिए पीछे
डेथ इन एवरी ब्रीथ नामक इस रिपोर्ट में कहा है कि सभी जगहों पर पीएम 2.5 का स्तर 563.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के तय मानक से ये स्तर 9.4 गुना ज्यादा है। पांच सैंपल में मैंगनीज का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और अमेरिकी मानकों से कई गुना ज्यादा मिला है, जबकि भारत में इसका कोई मानक निश्चित नहीं है। वहीं छह सैंपल में लेड (शीशा) की अत्यधिक मात्रा मिली है। वहीं कैंसर को बढ़ावा देने वाले जहरीले रसायन निकल की बात करें तो हवा में इसकी मात्रा दुनिया के सभी मानकों से सर्वाधिक मिली है।
बेरीयम की मात्रा ने चौंकाया
रिपोर्ट ये भी कहती है कि सामान्य दिनों में दिल्ली की वायु में बेरीयम रसायन की मात्रा करीब 2.15 तक मिलती है। जबकि दिवाली और उसके अगले दिन इसकी मात्रा क्रमश : 5.8 व 2.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की है। सैंपल में इस मात्रा के मिलने से साफ है कि आतिशबाजी की वजह से हवा में जहर फैला। इसके अलावा सिलिकॉन भी मिला है।
सरकार से चार बड़ी मांगें
फाउंडेशन की ओर से इस रिपोर्ट का हवाला देते हुए सरकार से चार मांगे भी की हैं। इसके तहत सीपीसीबी धूल और हवा की मॉनीटरिंग लगातार जारी रखे। साथ ही दिल्ली-एनसीआर की जनता को स्वास्थ्य सलाह के साथ इसके परिणाम भी बताए। इसके अलावा दिल्ली की विभिन्न प्रशासनिक शाखाएं प्रदूषण को लेकर सतर्कता बरतें, लोगों की लंबे समय तक स्वास्थ्य निगरानी होनी चाहिए। साथ ही दिल्ली के लोगों को प्रदूषण से बचाने और उन्हें इलाज दिलाने के लिए राज्य सरकार के साथ संयुक्त रूप से अस्पताल केंद्र को खोलना चाहिए।