दिल्ली के मटियामहल क्षेत्र से जनता दल यूनाइटेड से विधायक शोएब इकबाल बृहस्पतिवार को कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं। वह अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के एक कार्यक्रम में बड़े नेताओं की उपस्थिति में पुत्र व पार्षद आले मोहम्मद के साथ कांग्रेस में शामिल होंगे।
मंगलवार देर शाम अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने खुद इसकी पुष्टि की है। वह पिछले पांच बार से विधायक का चुनाव जीतते रहे हैं। शोएब इकबाल दिल्ली की राजनीति में एक ऐसा चेहरा हैं जो लगातार जीतने के साथ दल बदलने के लिए भी जाने जाते हैं। उन्होंने पहली बार जनता दल से विधायक का चुनाव जीता।
उसके बाद 1998 व 2003 में जनता दल सेक्युलर से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2008 में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी का हाथ थामा तो फिर 2013 में जनता दल यूनाइटेड में शामिल होकर चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। अब फिर दिल्ली में चुनाव देखते हुए कांग्रेस का हाथ थामने जा रहे है।
2003 में चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस की सरकार में वह विधानसभा के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह अपने बेटे आले मोहम्मद जो कि चांदनी चौक से निगम पार्षद के साथ कांग्रेस में शामिल होंगे। कयास लगाया जा रहा है कि शोएब इकबाल बेटे आले को कांग्रेस से चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे है। आले को कांग्रेस चांदनी चौक सीट या फिर उत्तरी पूर्वी दिल्ली की किसी सीट से उतार सकती है।
गुटबाजी में चल रही है खींचतान
दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने हैं लेकिन कांग्रेस अभी तक प्रदेश, जिला, ब्लॉक कार्यकारिणी नहीं बना पाई है। कुछ विधायक राहुल गांधी से मुलाकात करके जल्द संगठन का ढांचा खड़ा करने की मांग कर आए हैं। ऐसे में प्रदेश की अगुवाई करने वाले अरविंदर सिंह के सामने गुटबाजी से उभरकर नई टीम घोषित करने की चुनौती बनी हुई है।
इस बीच संभावना जताई जा रही है कि ब्लॉक के साथ-साथ वार्ड अध्यक्ष के नाम जल्द घोषित किए जा सकते हैं। जिला कमेटी अभी नहीं बनेगी। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के भी बदले जाने की चर्चा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता ने इस बात की पुष्टि की है कि जल्द ही नए प्रभारी के तौर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता पीसी चाको के नाम की घोषणा हो सकती है।
सूत्रों का कहना है कि दिल्ली में पहली बार वार्ड स्तर पर कमेटी गठन की तैयारी है। जहां एक विस में दो ब्लॉक हैं, वहीं वार्ड की संख्या चार होगी। संगठन से जुड़े एक बड़े नेता का कहना है कि वार्ड और ब्लॉक स्तर की समिति जल्द घोषित होगी। वहीं, एक नेता ने बताया कि अभी तक पार्टी के पास प्रदेश कांग्रेस की तरफ से सूची भेजी भी नहीं गई है।
बुधवार को इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम है। इसके बाद ही कुछ फाइनल हो पाएगा। जिला कमेटी इसलिए घोषित नहीं की जाएगी क्योंकि उसमें ज्यादातर टिकट के दावेदार हैं। उल्लेखनीय है कि पिछला लोस चुनाव पार्टी बिना कार्यकारिणी व प्रकोष्ठ के लड़ा गया था जिससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा।