दिल्ली में महिलाएं व युवतियां अपने घरों में ही सुरक्षित नहीं है। महिलाओं को बाहर के लोगों से ज्यादा खतरा अपनों से है। दिल्ली पुलिस द्वारा हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में इस तथ्य का खुलासा हुआ है।
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रिपोर्ट में अनुसार इस साल 15 अक्तूबर तक राजधानी में रेप के 1704 मामले दर्ज किए गए, इनमें से मात्र 72 मामलों में ही आरोपी बाहर के थे, जबकि अन्य सभी मामलों में पिता, सौतेले पिता, भाई, देवर, जेठ, पड़ोसी, रिश्तेदार आदि आरोपी निकले।
सर्वाधिक 642 मामलों में तो पीड़िता के दोस्त ने ही उन्हें अपना शिकार बनाया। न्यायमूर्ति बीडी अहमद व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की खंडपीठ के समक्ष दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट पर बुधवार को सुनवाई होगी। खंडपीठ सामाजिक कार्यकर्ता नंदिता धर के अधिवक्ता द्वारा गौरव बंसल द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है।
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महिलाओं के प्रति अपराधों की बनेगी वीडियो
रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों से आम लोगों को जागरूक करने के लिए पुलिस अब इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ सोशल मीडिया की सहायता लेगी। इसके लिए पुलिस ने बाकायदा 30 सेकेंड की वीडियो बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।
पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वीडियो के लिए पटकथाएं भी स्वीकृत करवा ली हैं। इन वीडियो में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की अहम बातों से जनता को रूबरू कराया जाएगा। वीडियो की शूटिंग के लिए एड एजेंसी की सेवा ली जाएगी। वीडियो को इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाएगा।
पुलिस में दर्ज आंकड़े
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार रेप के इन मामलों में पिता 43 और सौतेला पिता 23 मामलों में आरोपी हैं। इसी प्रकार दादा-भाई 27 मामलों के अलावा पति या पूर्व पति-27, अंकल-32, कजन-14, ससुर-8, दामाद-3, देवर-जेठ-74, पड़ोसी-352, परिचित-मित्र-83, पीड़िता के दोस्त-642, नौकर-3, मकान मालिक या किरायेदार-37, नौकरी प्रदाता-सहकर्मी-49, ट्यूटर-12, डॉक्टर-नर्सिंग स्टाफ-5, पुलिसकर्मी-7, इंजीनियर-1 रेप मामलों में लिप्त पाए गए हैं। इसके अलावा 210 रेप के मामले अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किए गए हैं।
आरोपियों में स्नातक और प्रोफेशनल भी इन मामलों में से 1331 मामले सुलझ गए व 1613 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में 116 अशिक्षित, बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले 570, 655 दसवीं पास, 232 बारहवीं पास, 37 स्नातक और तीन प्रोफेशनल हैं।
कितने और किस आयु वर्ग के आरोपी 1613 गिरफ्तार आरोपियों में 122 की आयु 18 वर्ष से कम है, जबकि 780 की आयु 18 से 25 वर्ष के बीच है। 580 आरोपियों की आयु 25 से 35 के बीच, 108 की आयु 35 से 50 के बीच व 23 आरोपियों की आयु 50 वर्ष से ज्यादा है।
श्रेणी- 1265 गरीब वर्ग से, 343 मध्यम वर्ग से व मात्र 5 उच्च वर्ग से है।
1704 मामलों में कुल 1711 पीड़ित है और उनमें से 4 की आयु दो वर्ष से भी कम है। इसी प्रकार 115 की आयु दो से सात वर्ष, 127 की 7 से 12 वर्ष, 364 की आयु 12 से 16 वर्ष, 195 की आयु 16 से 18 वर्ष, 455 की आयु 18 से 25 वर्ष, 451 की आयु 25 वर्ष से ज्यादा है।
पीड़िता किस तबके की 1711 में से 1098 पीड़िताएं समाज के गरीब तबके की हैं वहीं 599 मध्यम वर्ग से जबकि मात्र 14 पीड़िताएं उच्च वर्ग से हैं।
विवाहित और अविवाहिता पुलिस के अनुसार 1711 में से 1198 पीड़िता अविवाहित है जबकि 513 विवाहित विवाहित है।
यौन शोषण के मामले- रिपोर्ट के अनुसार 15 अक्तूबर तक 3485 मामले दर्ज किए गए। इनमें से 727 मामलों में बाहर के लोग थे जबकि अन्य में परिचित हैं। इनमें से 2287 मामलों को सुलझा लिया गया और 2867 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
छेड़छाड़ के मामले- रिपोर्ट के अनुसार 15 अक्तूबर तक 1024 मामले दर्ज किए गए, इनमें से 567 मामलों में बाहर के आरोपी निकले जबकि अन्य मामलों में रिस्तेदार। इनमें से 554 मामलों को सुलझाकर 667 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।