बालटाल में भंडारों में हुई आगजनी की घटना को लेकर श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के बैनर तले देशभर के विभिन्न जिलों से लोग जेएंडके और केंद्रीय सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करने के लिए बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर इकट्ठे होंगे।
यह फैसला सोमवार को बालटाल में आर्गेनाइजेशन के प्रधान विजय ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। एसएबीएलओ के प्रधान विजय ठाकुर और महासचिव राजन गुप्ता का कहना है कि आर्गेनाइजेशन की मांग है कि हमेशा के लिए श्री अमरनाथ यात्रा की कमान पैरा मिलिट्री फोर्स के हाथों में सौंपी जाए और यात्रा में जेएंडके पुलिस का कोई हस्तक्षेप न हो।
प्रदर्शन तब जारी रहेगा...
ये प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक मांग स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को बालटाल में सभी भंडारा समितियों के साथ बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिन लंगर समितियों के भंडारे फूंके गए हैं, उनके सदस्य बसों से बुधवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेंगे और वहां अनिश्चितकालीन रोष प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन बहुत विशाल होगा। इसकी तैयारियां दिल्ली में शुरू कर दी गई हैं। बैनर तैयार हो रहे हैं। इस प्रदर्शन को कामयाब बनाने के लिए कमेटियां गठित की गई हैं। जिस तरह बालटाल में भंडारों में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया है, यह हिंदुओं की आस्था पर ठेस पहुंचाना है। भंडारे वाले यहां पर लंगर लगाकर देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की मुफ्त में सेवा करते हैं।
'अमरनाथ यात्रा की कमान पैरा मिलेट्री फोर्स को सौंपो'
पिछले कई सालों से उन्हें जेएंडके सरकार सब्सिडी पर राशन दे रही थी लेकिन दो साल से इसे बंद कर दिया। उस पर भी हमने आपत्ति नहीं जताई। लेकिन इस साल की यात्रा में जेएंडके पुलिस के सामने कश्मीरियों ने नौ भंडारे फूंक दिए। कश्मीरी चाहते हैं कि यहां पर लंगर न लगे और वो श्रद्धालुओं के साथ लूटपाट करें। ठाकुर ने कहा कि पिछली यात्राओं में नूनवन और शेषनाग में विस्फोट हुआ था लेकिन यात्रा प्रभावित नहीं हुई। लोगों को जोश और बढ़ गया था। भंडारे फूंकने से नुकसान जरूर हुआ है लेकिन वे लंगर बंद नहीं करेंगे।
ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में जेएंडके सरकार और सोई हुई केंद्रीय सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। उनकी मांग है कि श्री अमरनाथ यात्रा की कमान पैरा मिलिट्री फोर्स के हाथों में सौंपी जाए। जब तक उनकी ये मांग पूरी नहीं होगी दिल्ली में रोष प्रदर्शन जारी रहेगा। ठाकुर ने कहा कि श्रद्धालु लंगर वालों के भरोसे यात्रा करने के लिए आ रहे हैं। श्रद्धालु लंगर को अपना परिवार समझते हैं। उनको कश्मीरियों के हवाले नहीं छोड़ सकते। भंडारे जलने के बाद भी लंगर जारी रखे हैं।