इंद्रलोक कैब दुष्कर्म मामले में नए खुलासे में सामने आया है कि लोन लेने के लिए शिव ने लोन दिलाने वाले सुमित से संपर्क किया था। पत्नी के गहने बेचकर और पिता से कुछ रुपये लेकर शिव ने 2.50 लाख रुपये का इंतजाम कर लिया था। इस दौरान उसे पता चला कि यदि उसके पास ऑल इंडिया परमिट होता तो आसानी से लोन मिल सकता है।
गिरफ्तार शिव कुमार को सुमित ने ही फर्जी कागजात मुहैया करवाए थे। पुलिस ने इस मामले में बृहस्पतिवार को फाइनेंस कंपनी चलाने वाले सुमित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उसके तीन कर्मचारियों को तलाश रही है।
पुलिस के अनुसार, लाजपत नगर निवासी सुमित फाइनेंस कंपनी चलाता है। शिव के पास से मिले फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र की जांच करते हुए बुराड़ी पुलिस सुमित तक पहुंची। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वह गाड़ी लेने वाले को लोन दिलवाता है। ऐसे लोगों को सुमित के कर्मचारी कागजात मुहैया करवाते, जिसके जरिये आसानी से लोन मिल जाता।
सुमित ने ही कर्मचारियों के जरिये आरोपी कैब चालक को फर्जी चरित्र प्रमाणपत्र का इंतजाम करवाया। जिसके जरिये शिव कुमार बुराड़ी अथॉरिटी से परमिट लेने में कामयाब हो गया। इसके बाद सुमित ने उसे कार खरीदने के लिए लोन दिलवा दिया। पुलिस के मुताबिक, सुमित फर्जी कागजात के जरिये लोन दिलवाता था।