प्रदेश सरकार द्वारा आरटीई एक्ट में संशोधन कर शिक्षामित्रों को टीईटी से मुक्त रखने और सहायक शिक्षक पद पर नियुक्त करने से एक ओर जहां शिक्षामित्रों में खुशी की लहर है, वहीं दूसरी ओर 122 शिक्षामित्र परेशानी में पड़ गए हैं।
डायट की लापरवाही से इन शिक्षामित्रों का रिजल्ट और प्रमाण पत्र अब तक जारी नहीं किया गया है। ऐसे में मार्कशीट न मिलने से शिक्षामित्रों की काउंसलिंग में शामिल होने पर रोड़ा अटक गया है।
आदर्श शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के मंडलीय मंत्री दुष्यंत कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों को टीईटी मुक्त रखने और उन्हें सहायक शिक्षक पद पर नियुक्ति देने के निर्देश हैं। जबकि पद पर नियुक्ति से पूर्व शिक्षामित्रों की काउंसलिंग की जाएगी। इसमें मार्कशीट और प्रमाण पत्र का होना जरूरी है।
गाजियाबाद और हापुड़ जिले के 122 शिक्षामित्र ऐसे हैं जिनकी मार्कशीट अब तक नहीं मिल सकी है। डायट द्वारा शिक्षामित्रों का आंतरिक मूल्यांकन समय से परिषद को न भेजे जाने का खामियाजा शिक्षामित्रों को भुगतना पड़ रहा है।
दुष्यंत ने बताया कि इसकी शिकायत सोमवार को शिक्षामित्रों ने डायट प्राचार्य से की है। एसोसिएशन ने सप्ताह भर के अंदर मार्कशीट उपलब्ध कराने की अपील की है।