कर्बला जमीन विवाद मामले को लेकर बुधवार को शिया मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस को खूब छकाया। मंगलवार शाम से मौलाना कल्बे जव्वाद नकवी की अगुवाई में मधु विहार थाने में डेरा डाले लोग 11 मूर्ति तक मार्च की जिद पर अड़े थे।
मौलाना की जिद को देखते हुए सभी को दोबारा हिरासत में ले लिया गया। पुलिस उन्हें बसों में बैठाकर बवाना ले जाना चाहती थी, लेकिन सभी मदर डेयरी के पास बसों से उतर गए।
इसके बाद करीब डेढ़ हजार लोग भारी पुलिस फोर्स के बीच विकास मार्ग, पुलिस मुख्यालय, मंडी हाउस होते हुए फिरोजशाह रोड पर पहुंच गए। यहां से पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया।
शिया धर्मगुरु को किया नजरबंद!
पुलिस की सख्ती के कारण मौलाना ने समुदाय के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए मार्च खत्म करने की घोषणा कर दी। शिया समुदाय के मार्च से दिल्ली के कई इलाकों में भारी जाम रहा।
उधर, मौलाना ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मंगलवार शाम से उन्हें और समुदाय के लोगों को थाने में नजरबंद कर रखा था। वहीं पुलिस ने इस आरोप से इनकार किया। अधिकारियों का कहना है कि मंगलवार रात को मौलाना समेत सभी लोगों को रिहा कर दिया गया था।
मौलाना कल्बे जव्वाद ने बुधवार दोपहर करीब 1:30 बजे मधु विहार थाने से 11 मूर्ति तक मार्च करने का ऐलान किया था।
सड़क पर हुआ मातम, खूब बहाया खून
मौलाना के ऐलान के बाद एक बार फिर उनके समर्थक वहां पहुंच गए। लोगों ने खुद को जंजीरों से लहूलुहान कर लिया और दिल्ली पुलिस, कांग्रेस और अहमद पटेल के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विकास मार्ग की ओर बढ़ने लगे।
शकरपुर चुंगी के पास पुलिस ने इन्हें रोककर बसों में बैठाने का प्रयास किया तो उन्होंने दोबारा मातम शुरू कर दिया। इस बीच पुलिस ने उन्हें जगह-जगह रोकने की कोशिश की, लेकिन उनके साथ कोई सख्ती नहीं की।
इसके बाद प्रदर्शनकारी विकास मार्ग यमुना पुल, रिंग रोड फ्लाईओवर के नीचे होते हुए पुलिस मुख्यालय के सामने पहुंचे। यहां कुछ देर नारेबाजी करने के बाद वे फिरोजशाह रोड पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने बेरीकेड लगाकर भीड़ को रोकने के सारे इंतजाम किए थे।
एनएच-24 पर फिर लगा जाम
शिया समुदाय के लोगों ने बुधवार सुबह एनएच-24 पर फिर जाम लगा दिया। कांग्रेस और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोगों ने करीब 10 बजे मधु विहार थाने के पीछे सड़क के दोनों कैरिजवे पर यातायात को रोक दिया।
उनका कहना था कि पुलिस ने जबरन उनके मौलाना और समुदाय के लोगों को थाने में नजरबंद कर रखा था। जाम की खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर वहां से हटाया। एहतियात के तौर पर एनएच-24 पर दिनभर काफी सख्ंया में पुलिसकर्मी तैनात रहे।