दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने एक चैनल को दिए गए साक्षात्कार में साफ किया है कि मेरे दिल्ली आने से युवा नेताओं को डरने की कोई जरूरत नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता युवा हैं। ये तो मेरे केरल जाने से पहले ही बन गए थे तो डरने की क्या जरूरत है।
वहीं यह भी साफ किया है कि मैं दिल्ली की राजनीति से खुद को हटा भी नहीं रही लेकिन तेजी से बढ़ भी नहीं रही हूं। अभी मैं दिल्ली का चेहरा नहीं बन रही हूं। केन्द्रीय नेतृत्व की बात है तो यह हाईकमान को तय करना है।
भाजपा के पास नंबर है तो सरकार बनाने वाले बयान को अभी भी अलग नहीं किया है। शीला दीक्षित ने कहा है कि मैंने कुछ गलत नहीं कहा है।