लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली करारी शिकस्त के बाद पार्टी के भीतर बगावती सुर उभर रहे हैं। शुक्रवार शाम पार्टी कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद संस्थापक सदस्य व वरिष्ठ नेता शाजिया इल्मी पार्टी छोड़ सकती हैं। शनिवार को इसका एेलान भी कर सकती हैं।
बताया जा रहा है कि शाजिया इल्मी पार्टी के आला नेतृत्व व मौजूद नीतियों से नाराज चल रही हैं। लोकसभा चुनाव के लिए उन्हें गाजियाबाद से प्रत्याशी घोषित किया गया था, जबकि वह दिल्ली के किसी सीट से चुनाव लड़ना चाहती थीं। चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें स्थानीय कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा था।
इस चुनाव के दौरान शीर्ष नेतृत्व से असहयोग की बात भी सामने आई थी। पार्टी की हार के बाद अब उनका विरोध का सुर तेज हो गया है। शुक्रवार को एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में शाजिया ने माना कि पार्टी अपनी दिशा से भटक गई है। इसमें बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत है।
शनिवार को इस बारे में विस्तार से मीडिया से बात करेगी। माना जा रहा है कि वह पार्टी छोड़ने का एेलान कर सकती हैं। खास बात यह कि इस बारे में जब पार्टी नेताओं से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार किया।
‘आप’ की बैठक में हंगामा, बगावती सुर उठे
‘आप’ की बैठक में पार्टी कार्यकर्ता ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने पार्टी की नीति नियामक संस्था राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) को भंग करने की मांग की। साथ ही लोकसभा चुनाव में बाहरी उम्मीदवारों को उतारने पर भी सवाल उठाया गया।
कार्यकर्ताओं का आरोप था कि वरिष्ठ नेता उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं हैं। कुमार विश्वास के माइक संभालने के बाद कार्यकर्ता शांत हुए। अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद के माहौल पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार शाम कांस्टीट्यूशन क्लब में बैठक बुलाई गई थी।