कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने कोर्ट से साल 2014 में अपनी पत्नी सुनंदा पुष्कर द्वारा किए गए ट्वीट और उनके ट्विटर अकाउंट को संरक्षित करने के लिए पुलिस को निर्देश देने की मांग की है।
आवेदन में कहा गया है कि सुनंदा पुष्कर जीवित नहीं हैं, इसलिए मामले में उनके ट्वीट्स और ट्विटर टाइमलाइन का अत्याधिक महत्व है। आशंका है कि उनका खाता और ट्वीट हटाए जा सकते हैं । मामले की सुनवाई 8 जून को होने की संभावना है।
इसमें कहा गया कि थरूर के पास उन पर लगाए गए कथित झूठे आरोपों से खुद को बचाने का पूरा अधिकार है। अपनी पत्नी की मौत के मामले में थरूर ने कोर्ट से निर्देश देने की मांग की है कि निचली अदालत के समक्ष कार्यवाही लंबित रहने तक पुलिस 'ट्विटर इंडिया' से पुष्कर का खाता संरक्षित रखने को कहे।
याचिका में ट्विटर के उस नियम का हवाला दिया गया है, जिसके तहत उपयोगकर्ता के लंबे समय तक खाते का उपयोग नहीं करने पर उसे निष्क्रिय करने का प्रावधान है। पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर पर पत्नी सुनंदा पुष्कर को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।