वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते विदेशों से ' वंदे भारत मिशन ' में भारत लौटने वाले लोगों की स्किल मैपिंग का काम केंद्र सरकार खुद करेगी। इसके लिए केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय, नागरिक उड्डयन मंत्रालय और विदेश मंत्रालय ने 'स्वदेश योजना ' (स्किल्ड वर्कर्स अराइवल डेटाबेस फॉर एम्प्लॉयमेंट सपोर्ट) की शुरुआत की है। कुछ घंटों में सात हजार लोगों ने स्वदेश स्किल फार्म रजिस्ट्रेशन किया है। इसमें खाड़ी देशों से सबसे अधिक लोग वापस लौटे हैं। इसके बाद इन्हें ' स्वदेश स्किल कार्ड ' मिलेगा।
केंद्रीय कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री महेंद्रनाथ पांडे ने बताया कि दो अन्य केंद्रीय मंत्रालयों के सहयोग से स्किल मैपिंग एक्सरसाइज शुरू की जा रही है। इसमें स्किल इंडिया और अन्य मंत्रालयों का लक्ष्य कौशल और अनुभव के आधार पर योग्य नागरिकों का एक डेटाबेस तैयार करना है। इससे भारतीय और विदेशी कंपनियों की मांग को पूरा करने के लिए प्रयोग किया जा सकता है। स्किल इंडिया एकत्रित जानकारी को देश में उपयुक्त प्लेसमेंट अवसरों के लिए कंपनियों के साथ साझा करेगा। राज्य सरकारों, उद्योग संघों और नियोक्ताओं सहित प्रमुख हितधारकों के साथ बात के आधार पर रोजगार की रूपरेखा बनेगी।
बता दें कि दुनिया भर में कोविड-19 के चलते वैश्विक स्तर पर कंपनियां बंद हो रही हैं। इसके चलते विदेशों में काम करने वाले काम न होने पर भारत सरकार के वंदे भारत मिशन के माध्यम से देश में वापस लौट रहे हैं। लाखों नागरिकों ने देश में वापस आने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मिशनों में पंजीकरण कराया है और अब तक 35,000 से अधिक लोग वापस देश लौट आए हैं। इसमें अधिकतर लोग खाडी क्षेत्र में काम करते थे।
कार्य क्षेत्र, नौकरी का शीर्षक, रोजगार, अनुभव की देनी होगी जानकारी
स्वदेश स्किल ऑनलाइन फार्म में विदेश से आने वालों को अपना कार्य क्षेत्र, नौकरी का शीर्षक, रोजगार, अनुभव के वर्षों से संबंधित जानकारी देनी होगी। यदि फॉर्म भरने में दिक्कत आती है तो उसके लिए टोल फ्री कॉल सेंटर भी बनाया गया है। पंजीकरण से जानकारी मिली है कि संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, कुवैत, कतर और सऊदी अरब आदि देशों से सबसे अधिक भारतीय नागरिक लौटे हैं। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडू आदि राज्यों के यह लोग ये वहां तेल, गैस, विमानन, निर्माण, पर्यटन और आतिथ्य, आईटी और आईटीईएस जैसे क्षेत्रों में कार्यरत थे।