फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मुठभेड़ के बाद सुंदर भाटी गैंग का शार्प शूटर दबोचा

Sun, 08 Feb 2015 09:31 AM IST
अमर उजाला, साहिबाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद पुलिस ने शनिवार को मुठभेड़ के बाद सुंदर भाटी गैंग के शार्प शूटर अशोक गुर्जर को धरदबोचा। औद्योगिक क्षेत्र साइट-4 स्थित पैसिफिक मॉल के पीछे का इलाका गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा।
विज्ञापन


पुलिस और सुंदर भाटी गिरोह के तीन बदमाश 15 मिनट तक गोलियां बरसाते रहे। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने शॉप शूटर अशोक गुर्जर को पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी फरार हो गए। फरार बदमाशों में बलराज और एक अन्य शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक तीसरा बदमाश जीतराम है। हालांकि, पुलिस इसकी पुष्टि नहीं कर रही है। तीनों बदमाश 50 हजार के इनामी हैं। अशोक गुर्जर पर उत्तराखंड पुलिस ने भी 20 हजार का इनाम रखा है।
विज्ञापन



पुलिस ने घटनास्थल से एक कारबाइन, दो पिस्टल और एक आल्टो कार बरामद की है। अशोक गुर्जर पर हत्या और लूट के 16 मामले कई जिलों में दर्ज हैं। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।

क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि एक कुख्यात अपराधी दिल्ली से गाजियाबाद आ रहा है। एसएसपी धर्मेंद्र यादव के निर्देश पर क्राइम ब्रांच टीम के साथ प्रभारी अरुण सिंह, थाना साहिबाबाद और लिंक रोड पुलिस ने महाराजपुर बार्डर पर जाल बिछाया।

दोपहर करीब सवा 12 बजे हरियाणा नंबर की आल्टो कार ने बार्डर क्रास किया, जिसके पीछे क्राइम ब्रांच टीम लग गई। बदमाशों ने कार सौर ऊर्जा मार्ग की ओर मोड़ दी, जहां थाना लिंक रोड एसएचओ राशिद अली एवं फोर्स ने बदमाशों का रास्ता रोक लिया।

इतने में बदमाशों ने कार पैसिफिक मॉल के पीछे की सड़क पर मोड़ दी, जहां साहिबाबाद एसएचओ उपेंद्र यादव और महारापुर चौकी इंचार्ज सतेंद्र राय ने मय फोर्स बदमाशों को घेर लिया।

इसी बीच बदमाशों की गाड़ी एक गड्ढे में फंस गई। चारों ओर से घिरा पाकर बदमाशों ने पुलिस पर कारबाइन और पिस्टल से ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में करीब 24 राउंड फायर किए।

फायरिंग करते हुए कार से तीन बदमाश निकले और भागने लगे। इनमें 50 हजार का इनामी बलराज और एक अन्य बदमाश मेट्रो यार्ड दीवार फांदकर दिल्ली की ओर फरार हो गए।

जबकि दूसरी ओर भाग रहा अशोक गुर्जर कौशांबी डिपो की दीवार ऊंची होने की वजह से उसे फांद नहीं सका और गिर गया। पुलिस ने उसे धरदबोचा। उसके पास 9एमएम की ऑटोमैटिक कारबाइन बरामद की गई।

मुठभेड़ की सूचना मिलते ही मौके पर एसएसपी धर्मेंद्र यादव भी पहुंचे। उनके साथ एएसपी डॉ. विपिन ताडा, एसपी क्राइम, सीओ अतुल यादव और थाना इंदिरापुरम एसओ हरिदयाल यादव व कई थानों का पुलिस बल था।

एसएसपी ने बताया कि अशोक गुर्जर संदीप भाटी गैंग का शार्प शूटर है। वह बुलंदशहर, लोनी, साहिबाबाद, हापुड़, सिंभावली, देहरादून से लूट, हत्या और रंगदारी के करीब 16 मामलों में वांछित है।

पुलिस को काफी समय से उसकी तलाश थी। इसकी गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ की टीम भी लगी हुई थी। कुख्यात बदमाश को पकड़ने वाली पुलिस टीम को पचास हजार का इनाम देने की घोषणा डीजीपी ने की है।

पुलिस से लूटी हो सकती है कारबाइन
एसएसपी ने बताया कि शॉर्प शूटर अशोक गुर्जर से बरामद कारबाइन जांच का विषय है। यह कारबाइन सिर्फ पुलिस या विशेष सुरक्षा एजेंसियों के पास ही होती है।

हो सकता है कि बदमाशों ने कारबाइन पुलिस से लूटी हो। इसकी जांच की जा रही है। कारबाइन के सीरियल नंबर को खरोंचकर मिटाया गया है। जांच के लिए हथियार को फोरेंसिक लैब भेजा जा रहा है।

मुठभेड़ के बाद फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच की। आल्टो कार की अंदर और बाहर से जांच कर फिंगर प्रिंट उठाए गए। साथ ही जहां पर खड़ा होकर अशोक गुर्जर फायरिंग कर रहा था, वहां से सुबूतों को इकट्ठा किया गया।

फरार हुए तीसरे बदमाश पर पुलिस चुप
अशोक गुर्जर के  एक साथी की पहचान 50 हजार के इनामी बलराज भाटी के तौर पर की गई है, लेकिन तीसरे बदमाश की पहचान पर पुलिस चुप है। सूत्रों के मुताबिक तीसरा बदमाश जीतराम हो सकता है। उस पर भी 50 हजार रुपये का इनाम है। वहीं, पुलिस का कहना है कि तीसरे बदमाश की पहचान के लिए पूछताछ की जा रही है।

इन मामलों में अशोक था वांछित
कुछ वर्ष पहले लोनी रोड स्थित शादी समारोह के दौरान गोलीबारी हुई थी। यह दो गिरोह के बीच गैंगवार थी। वर्ष 2013 में अमित की लोनी के झुम्मनपुरा और वर्ष 2014 में अनिल दुजाना के साथी टीटू की हत्या।

अशोक गौतमबुद्घनगर सेक्टर-39 में एसटीएफ से अंकित गुर्जर के साथ मुठभेड़ के दौरान फरार हो गया था। बुलदंशहर में गुलाब सिंह ग्राम धूसरी हत्याकांड में भी वांछित था।

एसटीएफ को नहीं लगी भनक
जहां एसटीएफ को बदमाशों के दिल्ली-एनसीआर में होने की भनक तक नहीं लगी, वहीं गाजियाबाद क्राइम ब्रांच को कई दिनों से बलराज भाटी और अशोक गुर्जर की लोकेशन दिल्ली-यूपी बॉर्डर के आसपास मिल रही थी।

सुलगते सवाल
पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ में कई राउंड फायरिंग की बात की जा रही है। बदमाशों की कार के शीशे गोलियां लगने से टूटे हैं, लेकिन कार में एक भी गोली नहीं लगी है।

साथ ही पुलिस के वाहनों के न तो शीशे टूटे और न ही उनमें कहीं भी गोली लगी। पुलिस ने जहां बदमाशों को घेरा था, वहां दो और दीवार हैं।

इन दीवारों पर भी गोली लगने कोई निशान नहीं है। उधर, यह बात भी सामने आ रही है कि पुलिस ने एके-47 से बदमाशों पर फायरिंग की है, लेकिन दीवार और बदमाशों की कार के शीशे के अलावा कहीं भी गोली नहीं लगी।

सुरक्षा पर उठे सवाल
दिल्ली विधानसभा चुनाव के मद्देनजर दिल्ली-यूपी बार्डर पर सघन चेकिंग चल रही है। हथियारों से लैस कार का दिल्ली से यूपी में आसानी से प्रवेश कर जाना बॉर्डर की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है।
विज्ञापन


उधर, पुलिस का कहना है कि चेकिंग को देखते हुए बदमाश दिल्ली के अंदरूनी रास्तों से होते हुए आए थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें