वर्ष 2018 में ये जेल से बाहर अया था। जेल में इसकी मुलाकात दस किलो हेरोइन के साथ वर्ष 2003 में गिरफ्तार मो. रफीक से हुई। मंदसौर निवासी रफीक वर्ष 2008 तक जेल में रहा था।
वह 17 वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा है। जेल से बाहर आते ही इसने अपने गांव से मादक पदार्थों की तस्करी करना शुरू किया। वर्ष 2009 में ये फिर गिरफ्तार हुआ और वर्ष 2020 में बाहर आ गया।
शराफत ने जेल से बाहर आते ही रफीक से हाथ मिलाया
वर्ष 2018 में जेल से बाहर आते ही शराफत ने मो. रफीक को दिल्ली बुलाया और दोनों मादक पदार्थों की तस्करी करने लगे। मो. रफी महीने में तीन से चार बार हेरोइन की खेप दिल्ली लाता था।
हर बार वह तीन से चार किलो हेरोइन लाता था। शराफत उसके दिल्ली आने-जाने का इंतजाम करवाता था। लॉकडाउन में इनका गोरखधंधा बंद हो गया। पुलिस शराफत शेख व उसके परिवार के सदस्यों की तलाश कर रही है।