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कांपी हॉटसिटी, मकानों में आईं दरारें

Sun, 26 Apr 2015 01:32 AM IST
अमर उजाला, साहिबाबाद
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शनिवार को दिल्ली-एनसीआर में आए भूकंप से साहिबाबाद स्थित गरिमा गार्डन थर्रा गया। कालोनी के करीब 10 मकानों में दरार आ गई।
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राजनगर एक्सटेंशन में रिवर हाईट्स में दरारें आ गईं। जबकि गुलमोहर एंक्लेव में जिन फ्लैट्स में छत पर पीओपी लगाई थी, उसमें भी थोड़ी सी दरारें आई हैं।

गरिमा गार्डन स्थित इकबाल कालोनी में दोपहर पौने 12 बजे भूकंप का झटका महसूस किया। महिलाओं का कहना है कि अचानक से अलमारी हिलने लगी।

कुछ घरों में बर्तन गिरे और करीब 10 घरों की दीवार में दरार आई है। लोगों का कहना है कि कहीं यहां भी नेपाल जैसी घटना न हो जाए।

हिलने लगी अलमारी बर्तन गिरने लगे
गरिमा गार्डन स्थित इकबाल कालोनी में रहने वाली रहीसा बेगम शेरवानी बनाने का काम करती है। उन्होंने बताया कि ग्राहक को डिजाइन दिखा रही थी तभी अचानक चक्कर जैसा महसूस हुआ।

कुछ समझ पाती तब तक किचन से बर्तन गिरने की आवाज आई। लोगों की आवाज सुन के बाहर निकली।

थोड़ी देर बाद जब अंदर आई तो दो कमरों की दीवार में दरार और बाहर लगे टाइल्स से दरार मिली। कारी रियासत काजमी ने बताया कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
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कुछ अन्य मकानों में भी आई दरार
इकबाल कालोनी के डी-1/4 और 997 के साथ ही कुछ और मकानों में भी दरार आई है। डी-1/4 में रहने वाली जैतून ने बताया कि घर की कई दीवारों में दरार आई है। डर के मारे बच्चों को लेकर दो घंटे तक बाहर ही बैठी रही।

वहीं मकान संख्या 997 में तो स्थित काफी खराब थी। प्रवेश द्वार पर दीवार में लंबी दरारा आई है इसके साथ ही अंदर के कमरों में दीवार और छत दरार के कारण अलग-अलग हो गई।

निवासी नगीना ने बताया कि दरार देख कर लग रहा है कि अगर एक और ऐसा झटका आया तो घर ही गिर जाएगा।

लगे झटके तो अटकी मेट्रो
सुबह से मेट्रो रफ्तार पर चल रही थी, लेकिन जैसे ही भूकंप के झटके शुरू हुए यात्रियों से भरी मेट्रो ट्रेनें स्टेशनों और मेट्रो कॉरिडोर पर खड़ी हो गईं। भूकंप के झटके दो बार लगे और दोनों ही बार इसका असर मेट्रो रेल सेवा पर दिखाई दिया।

सुबह करीब 11:45 बजे दिल्ली मेट्रो रेल निगम के सेंट्रल कंट्रोल रूम से अलर्ट जारी कर दिया। कंट्रोल रूम से आदेश मिलते ही मेट्रो जहां थी, वहां रोक दी गई।

कुछ ट्रेनें नोएडा के मेट्रो स्टेशनों पर खड़ी हो गईं तो कुछ कॉरिडोर के बीच में ही रोकनी पड़ीं। चलती मेट्रो पहले ही कंपन करती है। ऐसे में भूकंप के दौरान मेट्रो का संचालन जारी रखने से खतरा और बढ़ सकता था।
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करीब पांच मिनट तक मेट्रो रुकी रही। कंट्रोल रूम से सिग्नल मिलने के बाद स्टेशनों का जायजा लिया गया। हालात सामान्य होने के बाद संचालन शुरू किया गया, लेकिन काफी देर तक मेट्रो धीमी रफ्तार से चली।
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