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सीए टॉपर शैली के परिजनों को लोगो ने कहा था 'क्यों पढ़ा रहे हो'

Fri, 17 Jul 2015 01:00 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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मन के हारे हार, मन के जीते जीत। सीए की फाइनल परीक्षा में टॉप करने वाली दिल्ली की शैली चौधरी ने इन पंक्तियों को सार्थक किया है।
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सात साल पहले सीए बनने का जो सपना उन्होंने देखा था, उसे अथक प्रयास से पूरा कर ही लिया। इस लंबे समय में उनके परिवार वालों को लोगों से बातें भी सुननी पड़ीं।

फिर भी परिवार ने साथ नहीं छोड़ा और न केवल शैली सीए बन गईं, बल्कि टॉप भी किया। अब वह अपने भाई-बहनों के लिए रोल मॉडल बन गई हैं।

शाहदरा के ईस्ट लोनी रोड स्थित डीडीए फ्लैट में रहने वाली शैली ने अमर उजाला को बताया कि वर्ष 2008-09 में उन्होंने सीए करने के लिए पंजीकरण कराया था। इस पढ़ाई में कई स्तर हैं, जिन्हें पूरा करने में उन्हें लंबा समय लग गया।
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दिक्कतों के बाद भी नहीं मानी हार

आईपीसीसी के स्तर को पूरा करने में काफी दिक्कतें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। इतना लंबा समय लगने पर उनके परिवार वालों को यह भी सुनना पड़ा कि लड़की को इतना पढ़ा कर क्या करेंगे।

शैली बताती हैं कि इस दौरान न ही परिवार वालों ने और न ही उन्होंने लोगों की बातों को अहमियत दी। वह मेहनत करते हुए आगे बढ़ती रहीं। शैली के पिता ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करते हैं और मां गृहिणी हैं।

परिवार ने उन्हें पढ़ने से कभी नहीं रोका। शैली कहती हैं कि अब वह सीए संस्थान में होने वाले कैंपस प्लेसमेंट का इंतजार कर रही हैं।
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अच्छी रैंक की थी उम्मीद

शैली को अब प्लेसमेंट का इंतजार है, जिससे कि उससे एक अच्छी नौकरी मिल सके। क्या शैली को उम्मीद थी कि वह टॉपर बनेंगी।

इस पर कहती हैं कि वह इतनी मेहनत कर रही थीं कि यह उम्मीद थी कि अच्छा रैंक आ जाएगा। गीत-संगीत और नृत्य की शौकीन शैली ने कभी अपने शौक को पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया।

वह दोनों में तालमेल बैठाकर आगे बढ़ती रहीं। सरकारी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई करने वाली शैली ने डीयू के पत्राचार से स्नातक किया है।
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