आज सलमान खान की नई फिल्म बजरंगी भाई जान रिलीज हो रही है। क्या आपको पता है कि इसका फरीदाबाद कनेक्शन भी है। जी हां! सलमान खान ने इस फिल्म में इस औद्योगिक शहर का नाम लिया है। लगता है कि उन्हें इस बात की जानकारी है कि फरीदाबाद से बहुत बच्चे गुम होते हैं।
इसीलिए यहां पुलिस उन्हें खोजने के लिए अभियान चला रही है। इस साल जनवरी में मिशन मिलन नाम से तो वर्तमान में मुस्कान नाम से विशेष कार्यक्रम चला रही है। इसमें रोजाना कहीं न कहीं से बिछड़े मासूम माता-पिता से मिलवाए जा रहे हैं।
उनके चेहरों पर मुस्कान लाने की कोशिश की जा रही है। पिछले पांच साल की बात करें तो जिले में 613 बच्चे गुम हुए। यानी हर साल करीब सवा सौ बच्चे किसी न किसी वजह से अपनों से बिछड़ जाते हैं।
सलमान पूछते हैं बच्ची से एक सवाल
इनमें से पुलिस ने 524 बच्चे खोज निकाले हैं। शेष 89 बच्चों को खोजने के लिए मिशन जारी है। जो बच्चे अभी नहीं मिले हैं उनमें एक चर्चित नाम एनएच-पांच निवासी पीयूष वैद्य का है।
यह बच्चा 2010 में गुम हुआ, लेकिन अब तक उसका पता नहीं चला। पूरा परिवार इस दर्द को झेल रहा है। कहने का मतलब यह है कि यहां पर बच्चे ज्यादा खोते हैं इसीलिए ‘बजरंगी भाईजान’ (सलमान खान) इस शहर का नाम अपनी फिल्म में लेेने पर मजबूर हो गए।
फिल्म में खान खोई हुई एक बच्ची से फरीदाबाद का नाम लेकर उसके शहर के बारे में पूछते हैं कि वह कहां की रहने वाली है। फिल्म के ट्रेलर में झांसी और मेरठ का नाम भी मुख्य रूप से लिया जाता है।
इस तरह आ रही मुस्कान
पुलिस के अनुसार शहर में ज्यादातर लोग दूसरे राज्यों से काम करने आते हैं। ऐसे में कई बार बच्चे सफर के दौरान भी परिजनों से छूट जाते हैं। या फिर कोई बच्चों को बाल मजदूरी के बहाने बहला फुसलाकर ले जाता है।
मुस्कान टीम के इंचाई सब-इंस्पेक्टर नवीन पाराशर ने बताया कि उनकी टीम में 20 पुलिसकर्मी हैं। जो रोजाना अलग-अलग टीम बन कर 12 घटें तक बच्चों को खोजने का काम करते हैं।
-16 दिन में 390 बच्चों को बाल मजदूरी से मुक्त करवाकर 320 को परिजनों को सौंपा
-शेष बच्चों को शहर के 14 एनजीओ में भेजा।
-मिशन मिलन अभियान के लिए सम्मानित हो चुकी है फरीदाबाद पुलिस