दिल्ली दंगों के दौरान पुलिस जवान दीपक दहिया पर पिस्तौल तानने वाले शाहरुख पठान को हाईकोर्ट ने जमानत देने से इंकार कर दिया है। शाहरूख ने अपने माता-पिता की खराब सेहत होने के आधार पर कोर्ट से जमानत की अपील की थी।
उसका कहना था कि उसके माता-पिता की देखभाल करने वाला उसके आलावा और कोई नहीं है, लिहाजा उनकी सेवा करने के लिए उसे जमानत दी जानी चाहिए। इसके एक दिन पहले जामिया यूनिवर्सिटी की छात्रा सफूरा जरगर को मानवीय आधार पर जमानत मिल चुकी है।
शाहरुख के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि उसका अब तक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं रहा है। दंगों के दौरान भी कुछ लोगों के बहकावे में आकर उसने पिस्टल तान दी थी।
लेकिन अब तक की पुलिस जांच में भी यह स्पष्ट हुआ है कि उसकी पिस्टल से किसी को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है। इसलिए उसे गंभीर अपराध का आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को अस्वीकार करते हुए शाहरूख को जमानत देने से इंकार कर दिया।
दिल्ली पुलिस ने शाहरुख पठान पर आर्म्स एक्ट के आलावा आईपीसी की धारा 120B, 147, 148, 149, 283, 186, 323, 307 और 505 में मामला दर्ज किया है।
टिक टॉक स्टार शाहरूख तब मीडिया की सुर्खियां बन गया था, जब वह दिल्ली पुलिस के एक जवान पर पिस्टल तानते हुए दिखाई पड़ गया था।