6- कोई भी ऐसा नारा जो असंवैधानिक हो या जाति-धर्म की भावनाओं को आहत करे ऐसे नारे प्रतिबंधित हैं।
7- कोई भी वॉलेंटियर मंच संचालकों पर अपने मित्र-रिश्तेदारों को अधिक तवज्जो देने हेतु दबाव न बनाएं।
8- ऐसे कोई भी मेहमान जो दूर से आए हैं और तुरंत अपना भाषण देना चाहते हैं तो अपना वापसी टिकट दिखा कर मंच पर पहले आ सकते हैं।
9- किसी भी राजनीतिक पार्टी के चुनाव प्रचार से संबंधित बयान देना प्रतिबंधित है।
10- अगर मेरे भाषण पर कोई वैधानिक कार्यवाही करता है तो उसके लिए मैं स्वयं जिम्मेदार हूं, न कि शाहीनबाग के रहवासी।
शपथः मैं पूरे होशो-हवास में शपथ लेता हूं कि उपरोक्त सभी शर्तों का पालन करूंगा।
शरजील के वीडियो के बाद लिया फैसला
शाहीन बाग में भाषण देने के लिए नियमों को सख्त करने के पीछे शरजील इमाम का जारी विवादित वीडियो है, जिसमें वह असम को देश से अलग करने की बात कर रहा है। इस वीडियो को शुरुआत में शाहीन बाग से जुड़ा बताकर सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। इसके बाद कई दूसरे विवादित वीडियो भी शाहीन बाग से जुड़ा हुआ बताया गया। इन विवादों से बचने के लिए ही शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों ने शपथ पत्र भरने के बाद ही मंच से भाषण देने का नियम बना दिया है।