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शाह ने दिया था टंडन को हर हाल में मनाने का निर्देश

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भाजपा के सीएम पद की उम्मीदवार किरण बेदी के चुनाव प्रचार की कमान संभालने वाले नरेंद्र टंडन के इस्तीफे को राज्य इकाई ने बेहद हल्के में लिया था। इस मामले में जब पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने सक्रियता दिखाई और टंडन को हर हाल में मनाने का निर्देश दिया, तब अचानक पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सक्रिय हुए। दरअसल टंडन ने अपने इस्तीफे में न केवल बेदी और उनकी टीम के सदस्यों के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी, बल्कि दिल्ली के संगठन मंत्री के चरित्र पर भी सवाल खड़ा किया था।
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पार्टी को डर था कि चुनावी माहौल में अगर टंडन को नहीं मनाया गया कि उनके आरोपों पर सियासी बवंडर खड़ा हो सकता है। भय इस बात का भी था कि टंडन कहीं इस मामले में कुछ और खुलासा न कर दे। यही कारण है कि शाह के निर्देश के बाद पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और हरियाणा के प्रभारी अनिल जैन ने टंडन से लंबी बातचीत की।

इसके बाद टंडन को पार्टी मुख्यालय में शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली से मिलवाया गया। टंडन की शिकायत के आधार पर बेदी को अपने सहयोगियों को प्रचार अभियान में दखलअंदाजी से दूर रखने का भी निर्देश दिया गया है। उल्लेखनीय है कि टंडन ने शाह को लिखे पत्र में बेदी को सीएम पद का उम्मीदवार बनाने के फैसले पर भी अंगुली उठाई थी।
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बेदी को कार्यक्रम तय करने की प्रक्रिया से दूर रखने का निर्देश

सोमवार को जब टंडन के इस्तीफे की खबर आई तो प्रदेश भाजपा ने इसे बेहद हल्के में लिया। राज्य इकाई ने तो टंडन का 'तीसरा इस्तीफा' बता कर इसे ज्यादा तवज्जो न देने का संकेत दिया। हालांकि इस्तीफे की खबर जैसे ही शाह के पास पहुंची, उन्होंने टंडन को हर हाल में मनाने का निर्देश दिया।

इससे पहले उन्होंने राज्य इकाई को टंडन के मामले में बयानबाजी न करने का भी निर्देश दिया। सूत्रों ने बताया कि टंडन ने शाह से मुलाकात के दौरान संगठन मंत्री के साथ-साथ बेदी और उनके टीम के सदस्यों के व्यवहार की शिकायत की। उन्होंने कहा कि प्रभारी होने के बावजूद न केवल कार्यक्रम तय करने में बेदी से जुड़े लोग दखलअंदाजी करते हैं, बल्कि अपमानजनक व्यवहार भी करते हैं।

बताते हैं कि टंडन के आरोपों के बाद शाह ने बेदी से अपने टीम के सदस्यों को कार्यक्रम तय करने संबंधी मामले से दूर रखने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि बेदी के सीएम पद का उम्मीदवार बनने के बाद उनके एनजीओ से जुड़ी टीम लगातार उनके साथ काम कर रही है। उनकी टीम के सदस्यों के कारण ही कार्यक्रम तय करने में टंडन को लगातार परेशानी हो रही थी।
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