फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Delhi NCR News: एसएफआई सदस्यों ने पुलिस पर मारपीट और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

नई दिल्ली। एसएफआई के सदस्यों ने दिल्ली में मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान अपने साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की सोमवार को आप बीती सुनाई। उन्होंने चोट के निशान दिखाते हुए आरोप लगाया कि हिरासत में लेने के बाद उन्हें बसों में पीटा गया और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ सुरक्षाकर्मियों ने यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि थप्पड़ मारे जाने के कारण एक प्रदर्शनकारी की सुनने की क्षमता प्रभावित हुई है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के अध्यक्ष आदर्श एम. साजी और नेता आइशी घोष, नादिया तथा शरण्या सहित अन्य ने संवाददाता सम्मेलन में अपने चोट के निशान दिखाए। घोष ने कहा कि उन्हें लगी चोटें अन्य छात्रों को आई चोटों की तुलना में मामूली हैं।
विज्ञापन

एसएफआई की दिल्ली इकाई की अध्यक्ष नादिया ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के बाद एक वाहन के अंदर महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ मारपीट की। एसएफआई की एक सदस्य ने आरोप लगाया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन

एसएफआई के प्रदर्शनकारियों ने बताया कि केरल के एक प्रदर्शनकारी, जिनकी पहचान साथी प्रदर्शनकारियों ने फिदेल के रूप में की, को दाहिने कान पर कई बार थप्पड़ मारे गए, जिससे उनकी सुनने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हुई। उन्होंने बताया कि फिदेल को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल ले जाया गया। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में ली गईं माकपा नेता वृंदा करात ने दिल्ली में अपने दशकों के अनुभव में पुलिस की इस कार्रवाई को अभूतपूर्व बताया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव एम ए बेबी ने कहा कि वामपंथी दल इन पाबंदियों के खिलाफ लोगों को गोलबंद करना जारी रखेंगे और इसके लिए नागरिक संगठनों, बुद्धिजीवियों तथा सांस्कृतिक जगत के साथ मिलकर काम करेंगे। बेबी ने कहा कि आप बैरिकेड लगा सकते हैं, लेकिन किसी भी दमनकारी ताकत से लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं को दबाया नहीं जा सकता।’
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें