अदालत ने मंगलवार को डब्ल्यूएफआई के पूर्व प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह व विनोद तोमर के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया। उन पर महिला पहलवानों से यौन उत्पीड़न करने का आरोप है।
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अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट प्रियंका राजपूत ने शिकायतकर्ताओं, दिल्ली पुलिस के साथ-साथ आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद फैसला 15 मार्च तक के लिए सुरक्षित रख लिया। सह आरोपी तोमर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व सहायक सचिव हैं।
बहस के दौरान शिकायतकर्ताओं और पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत है। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों की इस दलील का विरोध किया कि चूंकि कुछ कथित घटनाएं विदेश में हुई थीं, इसलिए वे दिल्ली की अदालतों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आतीं।