जावेद अली अपनी सेक्स संबंधी समस्या से काफी परेशान था। उसने पहाड़गंज स्थित सेक्स संबंधी बीमारियों का शर्तिया इलाज का दावा करने वाले डॉक्टर राजेश अब्बोट से संपर्क किया।
अदालत ने याची के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उसे फर्जी मामले में फंसाया गया है। अदालत ने कहा अभियोजन पक्ष यह साबित करने में पूरी तरह से सफल रहा है कि याची ने पहाड़गंज स्थित जैदी दवाखाना के डॉ. राजेश अब्बोट से इलाज करवाया।
न्यायमूर्ति जीएस सिस्तानी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि अभियुक्त ने स्वयं माना है कि उसे सेक्स संबंधी समस्या थी और 11 हजार रुपये फीस अदा करने के बावजूद उसकी समस्या दूर नहीं हुई।