-क्षेत्रवासियों को मिलेगी जलभराव और ओवरफ्लो से स्थायी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। आईपी एक्सटेंशन और मधुबन कॉलोनी के स्थानीय निवासियों को लंबे समय से सीवर ओवरफ्लो की समस्या के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए दिल्ली जल बोर्ड द्वारा इन क्षेत्रों में जर्जर और क्षतिग्रस्त गहरी सीवर लाइनों को बदलने तथा सीवर नेटवर्क को नए सिरे से व्यवस्थित करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इस विकास परियोजना के तहत आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर सीवर व्यवस्था को मजबूत बनाया जा रहा है, जिससे लंबे समय से चली आ रही जलभराव और गंदे पानी के ओवरफ्लो की समस्या से निजात मिल सकेगी।
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें सड़कों को बड़े पैमाने पर खोदे बिना ट्रेंचलेस तकनीक और पाइप बर्स्टिंग जैसी अत्याधुनिक विधियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आई.पी. एक्सटेंशन में सामुदायिक भवन तथा मधुबन कॉलोनी में पार्क से जैन मंदिर तक लगभग 400 एमएम व्यास की क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों को बदलने के लिए इन आधुनिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है। इससे न केवल निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा, बल्कि स्थानीय यातायात और राहगीरों को होने वाली असुविधा भी न्यूनतम रहेगी। दिल्ली जल बोर्ड द्वारा स्वीकृत इन विकास कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक कार्य को पूरा करने के लिए 2 से 3 महीने की निर्धारित समय-सीमा तय की गई है, ताकि निर्धारित अवधि के भीतर स्थानीय निवासियों को बेहतर सीवर सुविधाओं का लाभ मिल सके। इसके साथ ही निर्माण कार्य के दौरान पर्यावरण और स्वच्छता संबंधी मानकों का पालन किया जाएगा। निर्माण एवं विध्वंस से निकलने वाले कचरे को रिसाइकिल कर पुनः उपयोग में लाने की व्यवस्था भी की गई है।
क्षेत्र के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव : इन परियोजनाओं के पूरा होने से पूर्वी दिल्ली के इस क्षेत्र में सीवरेज नेटवर्क की क्षमता और कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा। मानसून के दौरान सड़कों पर गंदा पानी भरने और सीवर जाम होने जैसी पुरानी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा और क्षेत्र में स्वच्छता भी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। प्रशासन और ठेकेदारों के आपसी समन्वय से संचालित यह जनहितकारी परियोजना क्षेत्र की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक तकनीक और बेहतर योजना के माध्यम से न केवल सीवर व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने का भी प्रयास किया जा रहा है।